
श्रीकांत दास / विशाल विचार
राजमहल साहिबगंज राजमहल थाना क्षेत्र के पश्चिमी जामनगर पंचायत में नशे का जाल तेजी से फैलता जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में गांजा, देसी महुआ शराब और अंग्रेजी शराब की खुलेआम बिक्री हो रही है। इन मादक पदार्थों के कारण गांव की युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में आकर बर्बादी की राह पर है।ग्रामीणों का कहना है कि यह अवैध कारोबार कई महीनों से लगातार चल रहा है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। कई बार शिकायत के बावजूद गांजा और शराब बेचने वाले खुलेआम अपना धंधा चला रहे हैं।नशे की वजह से गांव में घरेलू विवाद, झगड़े और अपराध की घटनाएं बढ़ गई हैं। एक बुजुर्ग निवासी ने कहा “हमारे बच्चे बर्बाद हो रहे हैं। हर घर में झगड़े हो रहे हैं। कितनी बार पुलिस को बताया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं। अब तो गांव नशे का अड्डा बन चुका है।”एक ओर जहां नशामुक्ति अभियान के तहत युवा भारतीय मोर्चा संगठन, पंचायत समिति सदस्य और ग्रामीण लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रहे हैं, वहीं नशा विक्रेताओं के हौसले बुलंद हैं। अब यह कारोबार खुलेआम सड़कों और गलियों में किया जा रहा है
ग्रामीणों ने राजमहल थाना पुलिस और जिला प्रशासन से मांग की है कि वे जल्द से जल्द छापेमारी कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करें, ताकि इस नशे के जाल को समाप्त किया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय पर कदम नहीं उठाया, तो गांव की अगली पीढ़ी पूरी तरह नशे में डूब जाएगी।मौके पर उपस्थित रहे युवा भारतीय मोर्चा संगठन के अध्यक्ष फेकन मंडल, उदय रविदास, पवन कुमार मंडल, पंचायत समिति पति उत्तम मंडल, भारत मंडल, अमरजीत मंडल, तपेश मंडल, राधिका मंडल, वार्ड सदस्य वीरेंद्र मंडल, अमन कुमार शाह, दीपक कर्मकार और सनोज कर्मकार।

