अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त फोटोग्राफर सौरव भगत — युवाओं को दी प्रेरणा, कहा “फोटोग्राफी को जुनून नहीं, करियर बनाएं”

श्रीकांत दास / विशाल विचार
राजमहल, साहिबगंज राजमहल मॉडल कॉलेज में गुरुवार“कैरियर इन फोटोग्राफी” विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने की।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को फोटोग्राफी के तकनीकी पहलुओं, उसकी बारीकियों तथा इस क्षेत्र में करियर की असीम संभावनाओं से अवगत कराना था। कार्यक्रम में राजमहल अनुमंडल पदाधिकारी सदानंद महतो मुख्य अतिथि के रूप में तथा डॉ. सुब्रत सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।मुख्य वक्ता के रूप में अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त फोटोग्राफर एवं “बैकलाइट पिक्चर्स – फिल्म एंड फोटोज़्ज़” के संस्थापक सौरव भगत ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्हें झारखंड राज्य में “बेस्ट वेडिंग एंड इवेंट फोटोग्राफर” का पुरस्कार मिल चुका है। हाल ही में दुबई स्थित एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फोटोग्राफी कंपनी ने उन्हें आमंत्रित किया था, जहाँ उन्होंने कई मॉडल्स और फैशन कंपनियों के साथ कार्य कर भारत का प्रतिनिधित्व किया। अब वे नवंबर 2025 में हांगकांग, मकाऊ, मलेशिया और चीन में अपने अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स पर काम करने जा रहे हैं।

अपने प्रेरणादायक वक्तव्य में सौरव भगत ने कहा “फोटोग्राफी अब केवल कला नहीं, बल्कि एक तेजी से उभरता उद्योग है। हर युवा के पास मोबाइल कैमरा है, बस जरूरत है दृष्टिकोण और समर्पण की। जो विद्यार्थी अपनी रुचि को पेशे में बदलने का साहस रखते हैं, उनके लिए यह क्षेत्र अपार संभावनाओं से भरा है।”उन्होंने विद्यार्थियों को कैमरा हैंडलिंग, लाइटिंग, फ्रेमिंग, एडिटिंग और विजुअल नैरेटिव की बारीकियों से परिचित कराया तथा उनके प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर दिया।

विशिष्ट अतिथि डॉ. सुब्रत सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ सृजनात्मक क्षेत्रों — जैसे फोटोग्राफी, संगीत और पेंटिंग — में भी अवसर तलाशने चाहिए।मुख्य अतिथि एस.डी.ओ. सदानंद महतो ने कहा, “बदलते समय में सफलता उसी को मिलती है जो नई राहें खोजने का साहस करता है। फोटोग्राफी जैसे कौशल-आधारित क्षेत्रों में करियर की अपार संभावनाएं हैं।”कार्यक्रम का संचालन वाणिज्य विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. रमजान अली ने किया। उन्होंने कहा कि “हर विद्यार्थी फोटो क्लिक करता है, लेकिन जो इस शौक को तकनीकी प्रशिक्षण से जोड़ लेता है, वही पेशेवर फोटोग्राफर बनता है।”

प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने सभी अतिथियों का सम्मान अंगवस्त्र देकर किया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि “आज के डिजिटल युग में फोटोग्राफी युवाओं के लिए रोजगार और पहचान दोनों का सशक्त माध्यम बन चुकी है। विद्यार्थियों को इस कौशल को भी शिक्षा के साथ अपनाना चाहिए।”कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अमित कुमार ने किया। इस अवसर पर सौरव भगत की टीम — गोपी कृष्ण दास, शिव दास, शेखर कुमार, प्रीतम मंडल, प्रिंस राज, प्रीतम दत्ता और पवन मंडल — भी उपस्थित रही।कॉलेज के शिक्षकगण, कर्मचारी एवं सैकड़ों विद्यार्थियों की सहभागिता से यह कार्यशाला अत्यंत सफल और प्रेरक सिद्ध हुई। विद्यार्थियों ने आग्रह किया कि फोटोग्राफी पर इस प्रकार के प्रशिक्षण सत्र समय-समय पर आयोजित किए जाएं।
