
श्रीकांत दास / विशाल विचार
राजमहल (साहिबगंज): राजमहल मॉडल कॉलेज में “नमामि गंगे स्वच्छता पखवाड़ा” के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन एवं कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। यह कार्यक्रम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह के दिशा-निर्देशन में संपन्न हुआ।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में गंगा डॉल्फिन एवं अन्य जलीय जीवों के संरक्षण, तथा गंगा नदी में रासायनिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना था।इस अवसर पर निबंध, भाषण और पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। निबंध प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने गंगा की स्वच्छता, जल संरक्षण तथा जैव विविधता के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।भाषण प्रतियोगिता में छात्र कुतुब ने कहा कि “गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, आस्था और जीवन रेखा है। यदि गंगा प्रदूषित होगी, तो हमारी सभ्यता और पारिस्थितिकी दोनों संकट में पड़ जाएंगे।”पेंटिंग प्रतियोगिता में छात्रा प्रतिभा रक्षित की चित्रकला ने गंगा डॉल्फिन एवं जलीय जीवन के संरक्षण का सशक्त संदेश दिया। उनकी कलाकृति ने यह दर्शाया कि “स्वच्छ गंगा ही स्वच्छ जीवन की प्रतीक है।”प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि “ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उन्हें सामाजिक एवं पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति भी संवेदनशील बनाते हैं। गंगा जैसी जीवनदायिनी नदी को स्वच्छ रखना हम सबका नैतिक दायित्व है।”कार्यक्रम को सफल बनाने में सहायक प्राध्यापक डॉ. रमजान अली, डॉ. अमित कुमार, डॉ. विवेक कुमार महतो, अकिता सिंह तथा अजय सोनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।अंत में कॉलेज परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपने आस-पास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने तथा गंगा को प्रदूषणमुक्त बनाने का संकल्प लिया।

