जिला कांग्रेस अध्यक्ष बरकतुल्लाह खान टीम संग दिल्ली रामलीला मैदान पहुंचे।

श्रीकांत दास / विशाल विचार
नई दिल्ली साहिबगंज।देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने और जनता की आवाज़ को बुलंद करने के उद्देश्य से दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित “वोट चोर–गद्दी छोड़” महारैली में साहिबगंज जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बरकतुल्लाह खान अपनी पूरी टीम के साथ शामिल हुए। इस ऐतिहासिक महारैली में देश के विभिन्न राज्यों से आए हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ नेताओं और आम नागरिकों ने एकजुट होकर लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प लिया।महारैली को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संबोधित किया। अपने ओजस्वी भाषण में राहुल गांधी ने कहा कि “लोकतंत्र की आत्मा जनता के वोट में बसती है। जब वोट की ताकत को कमजोर किया जाता है, तब देश का संविधान खतरे में पड़ जाता है।”उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार जनता की आवाज़ दबाने और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास कर रही है, जिसे कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगी।राहुल गांधी ने आगे कहा “यह लड़ाई किसी एक पार्टी की नहीं है, बल्कि देश के संविधान, लोकतंत्र और आम नागरिक के अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है। जब तक हर नागरिक को उसका अधिकार नहीं मिलेगा, यह संघर्ष जारी रहेगा।”इस अवसर पर साहिबगंज जिला कांग्रेस अध्यक्ष बरकतुल्लाह खान ने कहा “आज रामलीला मैदान से उठी यह आवाज़ पूरे देश में गूंजेगी। जनता अब पूरी तरह जाग चुकी है। वोट की चोरी और सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का समय आ गया है। कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक लड़ती रहेगी।”उन्होंने कहा कि साहिबगंज सहित झारखंड के कांग्रेस कार्यकर्ता पूरी मजबूती के साथ पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ खड़े हैं और आने वाले समय में लोकतांत्रिक आंदोलन को और तेज किया जाएगा।महारैली के दौरान साहिबगंज जिले से पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त जोश और उत्साह देखने को मिला। हाथों में झंडे और नारों के साथ कार्यकर्ताओं ने निष्पक्ष चुनाव, लोकतंत्र की रक्षा और जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।पार्टी नेताओं ने इस महारैली को देशव्यापी लोकतांत्रिक आंदोलन की दिशा में एक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम बताया और कहा कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक रूप लेगा।
