विशाल विचार-सुरेश पटेल ब्लाक कॉर्डिनेटर खजुहा फतेहपुर
जनपद के खजुहा विकास खंड के रेवरी गांव और कस्बा जाफरगंज सहित संपूर्ण क्षेत्र में सोमवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती बड़ी ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। लोगों ने महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि संस्कृत साहित्य के आदि कवि और महान ऋषि के रूप में प्रसिद्ध हैं। उन्हें आदि कवि की उपाधि दी गई क्योंकि उनके द्वारा संस्कृत में पहली महाकाव्य रचना ‘रामायण’ की की गई थी। उन्होंने न केवल यह ग्रंथ रचा बल्कि भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन और उनके मर्यादा सिद्धांतों को समाज तक पहुंचाया।वक्ताओं ने कहा कि रामायण सिर्फ धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि यह मानव जीवन के आदर्शों और मूल्यों की अमूल्य धरोहर है, जो आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरणा देती है।इस मौके पर गिरधारी लाल वाल्मीकि, रमेश वाल्मीकि, उमाशंकर कुटार, राकेश वाल्मीकि, मोहित कुमार माथुर, अजीत कुमार के अलावा जाफरगंज कस्बे के पंचायत भवन में ग्राम प्रधान चंद्र किशोर कुटार की अगुवाई में श्रद्धांजलि सभा हुई। यहां लोगों ने महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके उपदेशों पर चर्चा की। इस अवसर पर पूर्व प्रधान अमरनाथ सोनकर, बीरेंद्र गौतम, सज्जन तारा चंद्र सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
