श्रीकांत दास / विशाल विचार

बरहरवा, साहिबगंज बरहरवा रेलवे स्टेशन पर रविवार की रात्रि लगभग 9:30 बजे आर.पी.एफ. इंस्पेक्टर संजीव कुमार हमराह सहायक उप निरीक्षक बी. एन. टुडू, कांस्टेबल अनिल कुमार साह तथा कांस्टेबल ए. डी. चौधरी के साथ मानव तस्करी एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध विशेष जांच अभियान चला रहे थे।जांच के दौरान बुकिंग ऑफिस के समीप दो नाबालिग बालक संदेहास्पद अवस्था में खड़े पाए गए। टीम द्वारा पूछताछ करने पर दोनों घबरा गए तथा असंगत उत्तर देने लगे। कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि वे जुड़वा भाई हैं, जिनकी उम्र लगभग 15 वर्ष है तथा दोनों थाना मुरारोई, जिला बीरभूम (पश्चिम बंगाल) के निवासी हैं।बालकों ने बताया कि माता द्वारा डांटे जाने के बाद वे घर से भाग आए हैं और बरहरवा स्टेशन से आरा (बिहार) मजदूरी करने के उद्देश्य से जाने वाले थे, जहाँ उनके गाँव के कुछ परिचित लोग रहते हैं।दोनों नाबालिगों की गतिविधियों एवं उनके बयानों से संतुष्ट न होने पर आर.पी.एफ. टीम द्वारा उन्हें पोस्ट बरहरवा लाया गया। तत्पश्चात मामले की सूचना बाल संरक्षण संस्था “मंथन”, बरहरवा, साहिबगंज को दी गई।नाबालिगों से उनके परिजनों का मोबाइल नंबर प्राप्त कर उनके माता-पिता को घटना की जानकारी दी गई। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएँ पूर्ण करने के उपरांत, दोनों बालकों को बाल संरक्षण संस्था मंथन, बरहरवा की प्रतिनिधि अनुराधा मंडल के सुपुर्द कर दिया गया।आर.पी.एफ. की इस तत्परता से संभावित मानव तस्करी की एक घटना को टालने में सफलता मिली।

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