समय पर पंजीयन और प्रमाणपत्र उपलब्ध कराना कर्मियों की सामूहिक जिम्मेदारी : अनिल कुमार।

श्रीकांत दास / विशाल विचार
राजमहल (साहिबगंज)।राजमहल प्रखंड में जीवनांक (जन्म–मृत्यु) पंजीयन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण सह पंचायती राज समीक्षा बैठक का आयोजन सोमवार, को राजमहल प्रखंड सभागार में किया गया।बैठक की अध्यक्षता जिला सांख्यिकी पदाधिकारी सह जिला पंचायत राज पदाधिकारी, अनिल कुमार ने की। इस महत्वपूर्ण बैठक में राजमहल प्रखंड के सभी पंचायत सचिव, CHC/PHC के स्वास्थ्यकर्मी, तथा संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।प्रशिक्षण सत्र के दौरान अनिल कुमार ने जन्म–मृत्यु पंजीयन की प्रक्रिया को समयबद्ध, त्रुटिरहित एवं अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रत्येक जन्म एवं मृत्यु का पंजीयन निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाना चाहिए और संबंधित प्रमाणपत्र बिना किसी विलंब के लाभुकों को उपलब्ध कराए जाएं।उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि “किसी भी परिस्थिति में लाभुकों को प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। यह सभी संबंधित कर्मियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।”बैठक के दौरान पंचायती राज व्यवस्था की भी गहन समीक्षा की गई। जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने सभी पंचायतों को और अधिक सशक्त, प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने का निर्देश दिया।उन्होंने कहा कि पंचायत भवन आम जनता के लिए सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का केंद्र बनें और वहां से लोगों को अधिकतम सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध कराई जाएं।इसके साथ ही सभी पंचायतों को पंचायत ज्ञान केंद्र का निर्धारित मानकों के अनुरूप अधिष्ठापन एवं सुचारु संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया।बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक अभिजीत कुमार, सूर्य नारायण चौधरी, सभी पंचायत सचिवों सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।इस बैठक के माध्यम से जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जन्म–मृत्यु पंजीयन एवं पंचायती राज व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
