
श्रीकांत दास / विशाल विचार
पतना साहिबगंज वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत उद्यान विकास योजना के तहत जिला उद्यान कार्यालय, साहिबगंज द्वारा अभिसरण के माध्यम से जेएसएलपीएस के सहयोग से आयोजित पांच दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का मंगलवार सफलतापूर्वक समापन किया गया। यह प्रशिक्षण पतना प्रखंड के कुल 60 सखी मंडल किसानों के लिए आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देना एवं किसानों की आय में वृद्धि करना है।प्रशिक्षण समापन समारोह के अवसर पर सहायक निदेशक उद्यान, दुमका दयानंद प्रसाद, मोदी कोला पंचायत के मुखिया धर्मू मालतो एवं पतना प्रखंड के बीपीएम राहुल कुमार ने संयुक्त रूप से प्रशिक्षण प्राप्त किसानों के बीच मशरूम उत्पादन से संबंधित किट एवं प्रशिक्षण प्रमाण पत्र का वितरण किया।इस अवसर पर उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए सहायक निदेशक उद्यान दयानंद प्रसाद ने कहा कि मशरूम की खेती कम लागत एवं कम भूमि में की जाने वाली एक अत्यंत लाभकारी कृषि गतिविधि है। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं तथा अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त तकनीकी ज्ञान को व्यवहारिक रूप से अपनाने का आह्वान किया, ताकि किसान इसे आजीविका के स्थायी साधन के रूप में विकसित कर सकें।कार्यक्रम में उद्यान विभाग से प्रेम पासवान, सामुदायिक समन्वयक परवेज आलम, बीआरपी राज कुमार मंडल सहित सखी मंडल की सक्रिय किसान दीदियां मेशी पहाड़िन, सुखी पहाड़िन, शांति पहाड़िन, सुंदरी पहाड़िन, मोनिका मुर्मू, मंझली किस्कू, रीना मालतो, धरमी पहाड़िन, मेरीशिला मालतो एवं अन्य किसान दीदियां उपस्थित रहीं।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं एवं किसानों को स्वरोजगार से जोड़ना, उनकी आजीविका में सुधार लाना तथा मशरूम उत्पादन को आय के एक सशक्त और स्थायी साधन के रूप में विकसित करना है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहे हैं।
