सुभाष चंद्र बोस जयंती पर आयोजित हुआ पूर्व छात्र सम्मेलन।

श्रीकांत दास / विशाल विचार
राजमहल साहिबगंज।राजमहल नगर क्षेत्र नीलकोठी स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के वंदना भवन में इस वर्ष मां सरस्वती पूजा का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, उल्लास एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ भव्य रूप में संपन्न हुआ। पूजा के अवसर पर संपूर्ण विद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण से ओत-प्रोत नजर आया।कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य मिथिलेश कुमार सिंह, अध्यक्ष महोदय एवं सचिव महोदय द्वारा मां सरस्वती एवं भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पण कर किया गया। इसके पश्चात वैदिक मंत्रोच्चार एवं वंदना से वातावरण और भी आध्यात्मिक हो उठा।इस अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के उपलक्ष्य में एक पूर्व छात्र सम्मेलन का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यालय के पूर्व छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सम्मेलन के दौरान पूर्व विद्यार्थियों ने अपने विद्यालय जीवन की स्मृतियों को साझा किया तथा विद्यालय की प्रगति, उपलब्धियों और समाज में योगदान पर सार्थक संवाद हुआ।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य मिथिलेश कुमार सिंह ने कहा कि सरस्वती शिशु विद्या मंदिर केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों को जीवन में उतारने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से आदर्श नागरिक बनने का आह्वान किया।वहीं भैया कौशिक द्वारा दिया गया प्रेरणादायक एवं ओजस्वी संबोधन उपस्थितजनों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसने युवाओं में राष्ट्रप्रेम और आत्मविश्वास का संचार किया।इस अवसर पर विद्यालय के सभी भैया-बहन, दीदी-आचार्य, शिक्षकगण एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। संपूर्ण कार्यक्रम अनुशासन, भक्ति और सांस्कृतिक चेतना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता नजर आया।
