कंबल वितरण व अलाव की मांग को लेकर ‘हिंदू धर्म रक्षा मंच’ ने उपायुक्त को लिखा पत्र।

श्रीकांत दास / विशाल विचार
साहिबगंज राजमहल।जिले में लगातार बढ़ रही कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर ठोस व्यवस्था नहीं होने से आमजन परेशान हैं। इसी को लेकर हिंदू धर्म रक्षा मंच के केंद्रीय अध्यक्ष संत कुमार घोष ने उपायुक्त, साहिबगंज को पत्र लिखकर जनहित में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।पत्र में कहा गया है कि साहिबगंज नगर परिषद (वार्ड संख्या 1 से 28) एवं राजमहल नगर पंचायत क्षेत्र में रहने वाले गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोग भीषण ठंड से जूझ रहे हैं, लेकिन अब तक न तो समुचित रूप से अलाव की व्यवस्था की गई है और न ही कंबल वितरण शुरू किया गया है।संत कुमार घोष ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा केवल मुख्य सड़कों और चौराहों पर खानापूर्ति के तौर पर अलाव जलाए जा रहे हैं, जबकि वास्तविक ठंड का प्रकोप झुग्गी-झोपड़ी, मजदूर बस्तियों और अंदरूनी इलाकों में रह रहे गरीब परिवारों पर पड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन की यह उदासीनता अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।पत्र में संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि प्रत्येक नागरिक को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है। ठंड से बचाव हेतु अलाव और कंबल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की संवैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी है।हिंदू धर्म रक्षा मंच ने उपायुक्त से मांग की है कि साहिबगंज एवं राजमहल के सभी वार्डों के प्रमुख चौक-चौराहों पर अविलंब अलाव की व्यवस्था की जाए।चिन्हित गरीब, असहाय एवं बेघर लोगों के बीच युद्धस्तर पर कंबल वितरण सुनिश्चित किया जाए।इस पत्र की प्रतिलिपि नगर परिषद साहिबगंज के कार्यपालक पदाधिकारी एवं नगर पंचायत राजमहल के कार्यपालक पदाधिकारी को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है।मंच ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा है कि यदि शीघ्र राहत कार्य प्रारंभ नहीं किया गया तो ठंड से जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
