यातायात नियमों के पालन से ही दुर्घटनाओं में लाई जा सकती है कमी : डीटीओ।

श्रीकांत दास / विशाल विचार
साहिबगंज।सड़क सुरक्षा माह–2026 के अवसर पर मंगलवार को साहिबगंज जिले के सभी प्रमुख सरकारी कार्यालयों में सड़क सुरक्षा को लेकर शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों के साथ-साथ सरकारी कर्मियों को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और उनसे होने वाली मृत्यु दर को नियंत्रित किया जा सके।इसी क्रम में जिला परिवहन कार्यालय, साहिबगंज में एक विशेष शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) मिथिलेश कुमार चौधरी एवं जिला खनन पदाधिकारी कृष्ण कुमार किस्कू ने उपस्थित सभी कार्यालय कर्मियों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई। शपथ के दौरान कर्मियों को यातायात नियमों का पूर्ण रूप से पालन करने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट तथा चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग के साथ-साथ दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प दिलाया गया।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने कर्मियों को ‘नेक नागरिक’ की भूमिका के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सड़क पर सुरक्षित एवं अनुशासित आचरण ही एक जिम्मेदार नागरिक की पहचान है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग, तेज गति से वाहन चलाना तथा शराब या किसी भी प्रकार के नशे की हालत में वाहन चलाना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह स्वयं एवं दूसरों के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा है।इस अवसर पर डीटीओ मिथिलेश कुमार चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों के पालन तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे यातायात मानकों का पूरी निष्ठा से पालन करें, सुरक्षित ड्राइविंग को अपनी आदत बनाएं और समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश फैलाएं।कार्यक्रम में एम.भी.आई. अभिषेक मुंडा, कुमार उत्कर्ष, जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधक नीरज कुमार साह, रोड इंजीनियर एनालिस्ट अनुज पराशर, आईटी सहायक राजहंस सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और आम जनता को इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।सड़क सुरक्षा माह–2026 के तहत जिले में आगे भी जागरूकता कार्यक्रम, शिविर एवं विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित यातायात के प्रति प्रेरित किया जाएगा।
