विशाल विचार-शेखर सिद्दीकी ब्यूरो चीफ फतेहपुर
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को फतेहपुर पहुंचे, जहां उन्होंने मृतक हरिओम वाल्मीकि के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना जताई। राहुल गांधी करीब आधे घंटे तक परिवार के सदस्यों से बातचीत करते रहे और उनकी व्यथा सुनी। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “यहां अपराध परिवार ने नहीं, बल्कि उनके साथ हुआ है। न्याय मांगने वाले परिवार को ही सरकार ने कैद कर रखा है।” राहुल गांधी ने कहा कि परिवार को लगातार डराया-धमकाया जा रहा है और उन्हें घर से बाहर तक नहीं निकलने दिया जा रहा। उन्होंने बताया कि “परिवार के एक सदस्य की तबीयत खराब है, एक लड़की को ऑपरेशन करवाना है, लेकिन सरकारी दबाव के चलते वह भी नहीं हो पा रहा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने पूरे परिवार को नजरबंद जैसा कर रखा है, ताकि वे अपनी बात जनता और मीडिया तक न पहुंचा सकें। कांग्रेस नेता ने कहा कि “आज सुबह ही सरकारी अधिकारियों ने परिवार को धमकी दी थी कि राहुल गांधी से मत मिलना। यह स्थिति लोकतंत्र के लिए बेहद शर्मनाक है।” उन्होंने कहा कि “यह लोग अपराधी नहीं हैं, इनसे उनका बेटा छीना गया है। असली अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और निर्दोष पीड़ित परिवार को जेल जैसी स्थिति में रखा गया है।”
राहुल गांधी ने कहा कि कुछ दिन पहले भी एक दलित अधिकारी ने आत्महत्या कर ली थी, वहां भी वे गए थे, और अब हरिओम वाल्मीकि के परिवार से मिलने आए हैं। उन्होंने कहा कि “देशभर में दलितों पर अत्याचार, हत्या और बलात्कार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएं, अपराधियों को सजा दें और निर्दोषों को प्रताड़ित न करें।” उन्होंने आगे कहा कि “सरकार चाहे जो करे, लेकिन हम सच बोलते रहेंगे। यह लड़ाई किसी पार्टी की नहीं, बल्कि इंसानियत और न्याय की है।” राहुल गांधी ने कहा कि वे सरकार में नहीं हैं, फिर भी इंसानियत के नाते पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करेंगे।
