हाल ही में दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने एक राउंड टेबल मीटिंग आयोजित की थी जिसमें दिल्ली के प्रदूषण को कम करने तथा कारणों के विश्लेषण संबंधी बातचीत की गई तथा यह तय किया गया कि दिल्ली के सभी 13 प्रदूषण स्पॉटों पर एक सप्ताह के लिए मोबाइल वैन रखी जायेगी जिससे वहाँ के प्रदूषण स्तर के संबंध में वास्तविक कहानी और स्थिति का पता लगाया जा सके। इसके बाद 16 मई की सुबह को जब दिल्लीवासियों ने आसमान को देखा तो ग्रे रंग देख सब हैरान हुए जो कि वास्तव में प्रदूषण के कारण था। दिल्ली एनसीआर का क्षेत्र धूलनुमा स्तिथि में था। वायु गुणवत्ता के अनुसार दिल्ली का प्रदूषण स्तर खतरनाक स्तर पर था। इसी के साथ इस स्थिति को लेकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी प्रदूषण का दर्जा निर्धारित किया जो कि बहुत खराब श्रेणी का बताया गया। खतरनाक श्रेणी के अंतर्गत लोगों का स्वास्थ्य नकारात्मक रूप से प्रभावित होता है। एक्यूआई का लेवल अगर 400 के पार चला जाता है तो स्तिथि खतरनाक मानी जाती है।
भारतीय मौसम विभाग ने दिल्ली के शहरी क्षेत्र में बारिश का अंदेशा जताया है तथा साथ ही बताया कि दिल्ली के ऊपर बादल छाये रहेंगे और गरज के साथ हल्की बारिश व बौछारें पड़ेंगी। आगे मौसम विभाग ने बताया कि दिन के समय पर धूल भरी हवाएँ चल सकती हैं तथा आँधी जैसी परिस्थिति भी बन सकती है। मौसम और पर्यावरण संबंधी चर्चा के लिए 15 मई को दिल्ली सचिवालय में रियल टाइम सोर्स अपोर्शनमेंट स्टडी पर चर्चा हेतु राउंड टेबल मीटिंग हुई थी जिसकी कि अध्यक्षता खुद दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने की थी। इस मीटिंग में मुख्यतः प्रदूषण बढ़ने के कारणों पर विशेष रूप से चर्चा की गई तथा ट्विटर पर कई जगह , कई लोगों ने इसके संबंध में फोटो आदि के साथ पोस्ट की। किसी यूज़र ने यह भी लिखा कि इसका कारण पराली जलाना भी हो सकता है।
