सुमन कुमार दत्ता -विशाल विचार (पाकुड़)
पाकुड़: जिले के मत्स्य पालक और मछुआरा समुदाय के आर्थिक उत्थान की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ‘वेद व्यास आवास योजना’ के तहत योग्य लाभुकों के चयन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया।
08 परिवारों को मिलेगा पक्का घर
मत्स्य पालकों के जीवन स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से इस बार कुल 08 लाभुकों का चयन किया गया है। चयन प्रक्रिया में सामाजिक संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है:
- जनजातीय क्षेत्र (लघु शीर्ष 796): इसके तहत 06 लाभुकों का चयन हुआ।
- अनुसूचित जाति वर्ग (लघु शीर्ष 789): इसके तहत 02 लाभुकों को योजना का लाभ मिलेगा।
यह योजना उन गरीब परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनकर आई है, जिनकी आजीविका पूरी तरह से मत्स्य पालन, मछली बीज उत्पादन या मछली विक्रय पर निर्भर है।
1.91 लाख रुपये की मिलेगी सहायता
चयनित प्रत्येक लाभुक को पक्का मकान बनाने के लिए 1,91,200 रुपये की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी। यह राशि सीधे लाभुकों के खातों में हस्तांतरित की जाएगी ताकि वे एक सुरक्षित और सम्मानजनक छत पा सकें।
पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर
उपायुक्त मनीष कुमार ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि योजना का क्रियान्वयन पूरी तरह पारदर्शी होना चाहिए। उन्होंने कहा:
“हमारा उद्देश्य उन लोगों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है जो जलस्रोतों के माध्यम से समाज की खाद्य आपूर्ति में योगदान दे रहे हैं। आवास निर्माण की राशि का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए ताकि निर्माण कार्य में कोई देरी न हो।”
आर्थिक सशक्तिकरण की नई राह
वेद व्यास आवास योजना न केवल मछुआरा समुदाय को आवास प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी। जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के साथ-साथ मत्स्य पालकों के कल्याण के लिए उठाए गए इस कदम की सराहना की जा रही है।
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