जनहित पार्टी के नेतृत्व में गुवाहाटी में जन-जागरण अभियान, राज्यपाल व मुख्यमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन।

श्रीकांत दास / विशाल विचार
गुवाहाटी (असम)।असम में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) सूची के विरोध में जनहित पार्टी द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन को झारखंड के हिंदू धर्म रक्षा मंच का खुला समर्थन प्राप्त हुआ है। इसी क्रम में झारखंड से दर्जनों प्रमुख कार्यकर्ता असम की राजधानी गुवाहाटी पहुँचे और आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की।जनहित पार्टी के नेतृत्व में 17 दिसंबर को गुवाहाटी के विभिन्न चौक-चौराहों पर व्यापक जन-जागरण अभियान चलाया गया, जिसमें आम जनता को एनआरसी सूची से जुड़ी आपत्तियों तथा उसके संभावित दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। इसके पश्चात 18 दिसंबर को राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर एनआरसी सूची को रद्द करने की मांग की गई।इस आंदोलन में हिंदू धर्म रक्षा मंच के केंद्रीय अध्यक्ष संत कुमार घोष, प्रदेश महासचिव बजरंगी महतो, मिथिलेश भगत, मनीष राज, रमाकांत सहा सहित कई अन्य प्रमुख कार्यकर्ता शामिल हुए।केंद्रीय अध्यक्ष संत कुमार घोष ने कहा कि देश की राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे देश में पाँच करोड़ से अधिक अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए रह रहे हैं, जिसके कारण सीमावर्ती राज्यों के कई जिलों का जनसांख्यिकीय स्वरूप तेजी से बदल रहा है।उन्होंने दावा किया कि असम के 13 जिले, पश्चिम बंगाल के 5 जिले, बिहार के 4 जिले तथा झारखंड के 2 जिले मुस्लिम बहुल हो चुके हैं, जो अवैध घुसपैठ का प्रत्यक्ष परिणाम है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि असम में तैयार की गई एनआरसी सूची में लगभग 80 लाख बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम शामिल कर दिए गए हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है।संत कुमार घोष ने यह भी कहा कि झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र में अवैध घुसपैठ के कारण आदिवासी समाज को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। आरोप है कि घुसपैठिए आदिवासी बहन-बेटियों को दुल्हन बनाकर उनकी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं, जिससे आदिवासी अस्मिता और अधिकारों पर सीधा प्रहार हो रहा है।जनहित पार्टी और हिंदू धर्म रक्षा मंच ने एक स्वर में मांग की कि एनआरसी सूची की निष्पक्ष पुनः समीक्षा की जाए और अवैध घुसपैठ के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि देश की सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और स्थानीय नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
