विद्यार्थियों में गणित के प्रति रुचि व तार्किक क्षमता विकसित करने पर दिया गया जोर।

श्रीकांत दास / विशाल विचार
राजमहल साहिबगंज राजमहल मॉडल कॉलेज में सोमवार को राष्ट्रीय गणित दिवस का आयोजन हर्षोल्लास एवं शैक्षणिक गरिमा के साथ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने की। इस अवसर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में गणित के प्रति रुचि, जागरूकता एवं तार्किक सोच का विकास करना था।कार्यक्रम की शुरुआत महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के चित्र पर माल्यार्पण एवं नमन के साथ की गई। अपने संबोधन में डॉ. रमजान अली ने राष्ट्रीय गणित दिवस के इतिहास एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह दिवस भारत के महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि रामानुजन का योगदान न केवल भारत बल्कि संपूर्ण विश्व के गणितीय शोध और विकास के लिए अमूल्य धरोहर है।वहीं डॉ. अमित कुमार ने अपने वक्तव्य में श्रीनिवास रामानुजन के जीवन, संघर्ष, आत्मविश्वास एवं उनकी असाधारण उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद रामानुजन ने अपनी प्रतिभा और लगन से गणित के क्षेत्र में विश्वव्यापी पहचान बनाई, जो आज के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है।अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने महान गणितज्ञ रामानुजन को नमन करते हुए कहा कि गणित हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, व्यापार, विज्ञान, तकनीक एवं प्रशासन हर क्षेत्र में गणित की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्राचार्य ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे कैलकुलेटर पर अत्यधिक निर्भर न रहें, बल्कि अपने मस्तिष्क का अधिक उपयोग करें, जिससे उनकी तार्किक, विश्लेषणात्मक एवं समस्या समाधान क्षमता का समुचित विकास हो सके।कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने सभी उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को राष्ट्रीय गणित दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं तथा ऐसे शैक्षणिक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।इस अवसर पर डॉ. विवेक कुमार महतो, समित साहा, छायाकार छात्र प्रसन्नजीत कर्मकार सहित महाविद्यालय के दर्जनों छात्र-छात्राएँ एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण एवं प्रेरणादायी वातावरण में हुआ।
