पशुधन पालन, मत्स्य उत्पादन एवं उच्च मूल्य फसलों को मॉडल के रूप में विकसित करने के दिए निर्देश।

श्रीकांत दास / विशाल विचार
बड़हरवा साहिबगंज।संयुक्त कृषि निदेशक, संताल परगना परिक्षेत्र, दुमका द्वारा समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना सह कृषक पाठशाला, बड़हरवा का विस्तृत क्षेत्र परिभ्रमण किया गया। इस दौरान उन्होंने प्रक्षेत्र में संचालित प्रत्येक गतिविधि की गहन समीक्षा करते हुए कार्यकारी एजेंसी एवं पाठशाला कर्मियों को आवश्यक तकनीकी सलाह एवं दिशा-निर्देश प्रदान किए।विदित हो कि कृषक पाठशाला योजना के अंतर्गत “देखकर सीखने” की अवधारणा पर आधारित समेकित कृषि प्रणाली का एक आदर्श मॉडल विकसित किया जा रहा है, ताकि किसान प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से आधुनिक एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों को आत्मसात कर सकें।परिभ्रमण के क्रम में कृषक पाठशाला अंतर्गत निर्मित बत्तख सेड का निरीक्षण किया गया। संयुक्त कृषि निदेशक द्वारा गर्मी के मौसम में बत्तखों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सेड को घास-पुआल से ढकने का सुझाव दिया गया। पाठशाला में लेयर मुर्गी पालन एवं बत्तख पालन प्रारंभ कर दिए जाने पर संतोष व्यक्त किया गया।महोदय द्वारा कृषक पाठशाला में निर्मित गार्ड रूम, प्रशिक्षण भवन, कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस, विभिन्न पशुधन शेड एवं अन्य सिविलअवसंरचनाओं का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में सभी सिविल संरचनाओं का कार्य पूर्ण पाया गया।इस क्रम में शुकर पालन सेड, गो-पालन सेड एवं बकरी पालन सेड का भी अवलोकन किया गया। संयुक्त कृषि निदेशक ने स्पष्ट निर्देश दिया कि इन सभी संरचनाओं में अविलंब संबंधित पशुधन का पालन प्रारंभ किया जाए।कृषक पाठशाला कर्मियों को निर्देश दिया गया कि वे जिला पशुपालन पदाधिकारी एवं जिला मत्स्य पदाधिकारी से नियमित तकनीकी सलाह प्राप्त करें, ताकि जैविक संसाधनों की समुचित देखभाल सुनिश्चित हो सके तथा पशुधन एवं मत्स्य को रोगों से सुरक्षित रखा जा सके।प्रक्षेत्र में निर्मित तालाबों का निरीक्षण करते हुए मत्स्य पालन की स्थिति की समीक्षा की गई। कार्यकारी एजेंसी द्वारा तालाबों में कॉमन कार्प, रोहू, कतला एवं मृगाल प्रजाति की मछलियों का पालन किया जा रहा है।इसके अतिरिक्त प्रक्षेत्र में लगाए गए आम, केला, नींबू एवं चीकू के पौधों का निरीक्षण कर आवश्यक तकनीकी सुझाव दिए गए।संयुक्त कृषि निदेशक द्वारा प्लास्टिक मल्च के माध्यम से तरबूज एवं कद्दू की खेती हेतु की जा रही खेत तैयारी का निरीक्षण किया गया। साथ ही अरहर, सरसों एवं हरी मिर्च की फसलों की स्थिति का जायजा लिया गया।उन्होंने मार्गदर्शिका के आलोक में उच्च मूल्य वाली सब्जियों की खेती को पूरे प्रक्षेत्र में सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि कृषक पाठशाला को एक आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके।केंद्र में संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी भी ली गई। कार्यकारी एजेंसी द्वारा जैविक खेती, समेकित कृषि प्रणाली, बकरी पालन सहित अन्य विषयों पर किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।महोदय के नेतृत्व में टीम ने निर्देश दिया कि सभी तैयारियाँ पूर्ण करते हुए कृषक पाठशाला को इस प्रकार विकसित किया जाए, जिससे आने वाले समय में जिले के किसान सीधे तौर पर इसकी गतिविधियों से लाभान्वित हो सकें।परिभ्रमण के दौरान शशी भूषण समदर्शी, राज्य प्रबंधक, इफ्फको द्वारा प्रक्षेत्र में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का प्रत्यक्षण (डेमोंस्ट्रेशन) कराए जाने का सुझाव भी दिया गया।संयुक्त कृषि निदेशक ने जानकारी दी कि शीघ्र ही जिला स्तर के उच्च अधिकारियों की टीम द्वारा प्रक्षेत्र का भ्रमण किया जाएगा। अतः कार्यकारी एजेंसी को निर्देशित किया गया कि भ्रमण से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियाँ समय रहते पूर्ण कर ली जाएँ।इस अवसर पर संयुक्त कृषि निदेशक, संताल परगना परिक्षेत्र, दुमका के साथ प्रमोद एक्का, जिला कृषि पदाधिकारी, साहिबगंज;शशी भूषण समदर्शी, राज्य प्रबंधक, इफ्फको, राँची; तापस बनर्जी, कार्यक्रम समन्वयक, कृषक पाठशाला, बड़हरवा तथा प्रक्षेत्र में कार्यरत कार्यकारी एजेंसी के कर्मी उपस्थित थे।
