
श्रीकांत दास / विशाल विचार
साहिबगंज।प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP)के तहत जिला स्तरीय ऋण स्वीकृति समिति(DLMC) की बैठक अपर समाहर्ता गौतम भगत की अध्यक्षता में कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य योजना के तहत आवेदकों के मामलों का शीघ्र निपटान सुनिश्चित करना और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करना था।बैठक के दौरान अपर समाहर्ता ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए किPMEGP के अंतर्गत सभी आवेदकों के मामलों का तेजी से निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि योजना के रिकॉर्ड्स में दर्ज मार्जिन मनी क्लेम सब्सिडी के दावों में आवश्यक सुधार तुरंत किए जाएं। इसके साथ ही PMEGP योजना के तहत मंजूर की जाने वाली इकाइयों की समीक्षा एवं लंबित प्रस्तावों का त्वरित निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए यदि किसी भी आवेदक का मार्जिन मनी क्लेम
सब्सिडी का दावा लंबित है, तो उसे शीघ्र प्रस्तुत करने का भी आग्रह किया गया।बैठक में उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) प्रशिक्षण, PMEGP मामलों के भौतिक निरीक्षण और इकाइयों के भौतिक सत्यापन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। अपर समाहर्ता ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और तेजी से लाभार्थियों तक सुविधा पहुँचाने पर विशेष जोर दिया।बैठक में जिला उद्योग महाप्रबंधक (GM)जिला उद्योग केंद्र(DIC)रमाकांत चतुर्वेदी, जिला उद्यमी समन्वयक, सभी प्रखंड उद्यमी समन्वयक तथा मुख्यमंत्री लघु कुटीर उद्योग विकास बोर्ड के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सभी उपस्थित अधिकारियों ने योजनाओं के निष्पादन में आने वाली चुनौतियों, लंबित मामलों के निपटान और लाभार्थियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए अपनी प्रतिक्रिया और सुझाव साझा किए।अपर समाहर्ता ने अंत में कहा कि PMEGP जैसी योजनाओं का उद्देश्य सीधे तौर पर स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देना है, इसलिए सभी अधिकारियों को इसके क्रियान्वयन में तत्परता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के साथ काम करना आवश्यक है।
