गंगा संरक्षण, सौंदर्यीकरण एवं जैव विविधता संरक्षण को लेकर बनी ठोस कार्ययोजना।

श्रीकांत दास / विशाल विचार
साहिबगंज।नमामि गंगे योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर साहिबगंज में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग एवं उप विकास आयुक्त सतीश चंद्र ने की। बैठक में गंगा नदी के संरक्षण, संवर्द्धन, स्वच्छता तथा शहरी सौंदर्यीकरण से जुड़े विभिन्न अहम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगामी आर्द्रभूमि दिवस के आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई। अधिकारियों ने कहा कि आर्द्रभूमि का संरक्षण गंगा की पारिस्थितिकी संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक है और इसके प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।बैठक के दौरान आगामी माघी मेला के अवसर पर साहिबगंज में भव्य गंगा आरती के आयोजन का प्रस्ताव रखा गया। अधिकारियों ने कहा कि इससे धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा और साहिबगंज की पहचान गंगा नगरी के रूप में और सुदृढ़ होगी।गंगा नदी में पाई जाने वाली जैव विविधता, विशेषकर गंगा डॉल्फिन जैसे दुर्लभ जलीय जीवों के संरक्षण हेतु मछुआ समाज के सहयोग से “मछुआ प्रहरी समूह” के गठन का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। यह समूह नदी में अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखने के साथ-साथ जलीय जीवों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएगा।बैठक में Urban River Management Front के अंतर्गत मल्टी-स्टेकहोल्डर वर्किंग ग्रुप की बैठक आयोजित करने पर भी सहमति बनी। इस समूह में विभिन्न विभागों, शहरी निकायों एवं अन्य हितधारकों को शामिल कर शहरी नदी प्रबंधन एवं साहिबगंज शहर के समग्र सौंदर्यीकरण को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी।वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग ने सभी संबंधित विभागों एवं हितधारकों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि जीवनदायिनी धरोहर है, जिसके संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी की है।बैठक में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ एवं संबंधित हितधारक उपस्थित रहे।
