भक्ति, साधना और आत्मचिंतन का अद्भुत संगम।

श्रीकांत दास / विशाल विचार
राजमहल (साहिबगंज):राजमहल नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत नीलकोठी स्थित संतमत सत्संग आश्रम में सात दिवसीय आध्यात्मिक साधना शिविर का भव्य एवं दिव्य आयोजन किया गया है। यह पावन आयोजन 1 जनवरी से प्रारंभ होकर 7 जनवरी तक निरंतर चलेगा। आयोजन स्थल स्वामी अनूपानंद महाराज का आश्रम में, जो गली नंबर–3, चैती दुर्गा मंदिर के सामने स्थित है। पूरे क्षेत्र में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण देखने को मिल रहा है।सत्संग से आत्मचिंतन और आत्मकल्याण का संदेश सत्संग के दौरान डरवाही दीनदयाल राघव साधु संगति, पाया दर्शन, परस एवं गूढ़ आध्यात्मिक प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन, आत्मकल्याण और जीवन के वास्तविक उद्देश्य का बोध कराया जा रहा है।संतों ने अपने प्रवचनों में कहा कि “जब-जब भगवान की असीम कृपा होती है, तब-तब मानव जीवन को साधु-संगति का सौभाग्य प्राप्त होता है। साधु दर्शन से मनुष्य के पापों का नाश होता है और जीवन पवित्र, शांत एवं सार्थक बनता है।”इस आध्यात्मिक आयोजन में ऋषिकेश, हरिद्वार सहित विभिन्न पवित्र तीर्थ स्थलों से पधारे संत-महात्मा उपस्थित होकर श्रद्धालुओं को भक्ति, सेवा, संयम और आत्मज्ञान का मार्ग दिखा रहे हैं। सत्संग के माध्यम से मानव जीवन को सदमार्ग की ओर अग्रसर करने का प्रेरक संदेश दिया जा रहा है।आयोजन समिति की ओर से क्षेत्र के समस्त श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी जनता से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस दिव्य सत्संग का लाभ उठाएं और अपने जीवन को आध्यात्मिक रूप से धन्य बनाएं।
