न्यायिक अधिकारियों व स्वयंसेवी संस्थाओं ने निकाली भव्य प्रभात फेरी, युवाओं को दिया नशा छोड़ने का सशक्त संदेश।

श्रीकांत दास / विशाल विचार
साहिबगंज।नशा मुक्त भारत के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दिशा में साहिबगंज जिले में एक व्यापक और प्रभावी जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), साहिबगंज अखिल कुमार के मार्गदर्शन में व्यवहार न्यायालय परिसर से एक भव्य प्रभात फेरी का आयोजन किया गया।यह प्रभात फेरी राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की DAWN (Drug Awareness and Wellness Navigation – For a Drug Free India) योजना–2025 के अंतर्गत आयोजित जागरूकता सप्ताह का हिस्सा है। इस अभियान के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए नशा उन्मूलन का संदेश जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है।डालसा के सचिव विश्वनाथ भगत ने जानकारी देते हुए बताया कि यह जागरूकता अभियान 12 जनवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसका समापन राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशीली दवाओं के दुरुपयोग से दूर रखना तथा उन्हें स्वस्थ, सकारात्मक और जिम्मेदार जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।प्रभात फेरी का नेतृत्व प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय संजय कुमार उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सिंधु नाथ लमाये,अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अभिषेक कुमार,सीनियर सिविल जज आलोक मरांडी,अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी तुषार आनंद,जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रेम नाथ तिवारी,चीफ लीगल एड डिफेन्स काउंसिल अरविन्द गोयल एवं उनकी टीम,न्यायालय के अधिकारी व कर्मचारी,पारा लीगल वॉलंटियर्स तथा स्वयंसेवी संस्था ‘मंथन’ के स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।प्रभात फेरी के दौरान प्रतिभागियों ने“जीवन को हाँ कहें, ड्रग्स को ना”,“नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो”,जैसे प्रेरणादायक नारों के माध्यम से आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।इस अवसर पर बताया गया कि DAWN योजना के अंतर्गत नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने के लिए कानूनी सहायता,जन-जागरूकता कार्यक्रम,पुनर्वास सेवाएँ तथा सामुदायिक सहभागिता को एकीकृत रूप से लागू किया जा रहा है, ताकि नशा पीड़ितों को सही मार्गदर्शन और सहायता मिल सके।जिला विधिक सेवा प्राधिकार का यह प्रयास न केवल युवाओं को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की ओर अग्रसर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि पूरे समाज को स्वस्थ, जागरूक और नशा मुक्त बनाने के संकल्प को भी सुदृढ़ करता है। यह अभियान साहिबगंज को ‘नशा मुक्त जिला’ बनाने की दिशा में एक सशक्त और सराहनीय पहल के रूप में देखा जा रहा है।
