स्वच्छता, आस्था और संरक्षण का संगम।

श्रीकांत दास / विशाल विचार
साहिबगंज, झारखंड राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने तथा जननायक बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में शनिवार साहिबगंज जिले में “डॉल्फिन संरक्षण-सह-वृहद गंगा स्वच्छता अभियान-2025” का शुभारंभ किया गया। यह विशेष अभियान 07 नवम्बर से 15 नवम्बर तक चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों में स्वच्छता, जन-जागरूकता एवं डॉल्फिन संरक्षण से जुड़ी विविध गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं।

उपायुक्त हेमंत सती ने बताया कि साहिबगंज झारखंड का एकमात्र ऐसा जिला है जहाँ उत्तरा-वाहिनी गंगा बहती है। उन्होंने कहा, “गंगा हमारे जीवन, संस्कृति और पर्यावरण का अभिन्न अंग है। राज्य स्थापना दिवस की 25वीं वर्षगांठ और जननायक बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को विशेष बनाते हुए हमने यह निर्णय लिया है कि गंगा तटों पर स्वच्छता और जागरूकता का यह पखवाड़ा मनाया जाए।”अभियान के पहले दिन बिजली घाट और शकुंतला सहाय घाट पर व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें एन.एस.एस., एन.सी.सी. के छात्र-छात्राओं, समाजसेवी संस्थाओं एवं स्थानीय नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी की। इस अवसर पर लोगों को प्लास्टिक मुक्त घाट, अपशिष्ट प्रबंधन, तथा गंगा डॉल्फिन संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

अभियान के दौरान बताया गया कि गंगा डॉल्फिन जैव विविधता का प्रतीक है और इसका संरक्षण गंगा के स्वास्थ्य से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है। 15 नवम्बर तक जिले के अन्य तटवर्ती स्थलों — मुक्तेश्वर घाट, बास्कोला, सरकंडा (राजमहल), सूर्यदेव घाट, सिंधी डालन, श्रीधर (उधवा) आदि में भी इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।इस अवसर पर वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग, अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन आइन्द, जिला आपूर्ति पदाधिकारी झुनू कुमार मिश्रा, जिला परियोजना पदाधिकारी अमित मिश्रा, एवं नगर परिषद, साहिबगंज के सिटी मैनेजर सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।साहिबगंज प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी कर गंगा को स्वच्छ, निर्मल और प्रदूषण-मुक्त बनाए रखने में अपना योगदान दें।
