
श्रीकांत दास / विशाल विचार
साहिबगंज जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त हेमंत सती ने शनिवार को साहिबगंज प्रखंड के हाजीपुर पश्चिम पंचायत स्थित आर्सेनिक प्रभावित डिहारी गांव का दौरा कर वहाँ संचालित ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। ज्ञात हो कि डिहारी गांव के लिए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता में है, क्योंकि यह इलाका आर्सेनिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है।उपायुक्त ने निरीक्षण के क्रम में बताया कि डिहारी ग्राम में लगभग दो किलोमीटर दूर रक्सी स्थान से पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चार ग्रामीण जलापूर्ति योजनाएँ तैयार की गई हैं, जिनका नियमित संचालन और निगरानी अत्यंत आवश्यक है।उपायुक्त हेमंत सती ने कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि सभी जलापूर्ति योजनाओं का प्रत्येक माह जल गुणवत्ता परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए,जल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या का समय पर समाधान किया जाए,एवं जल संयोजन राशि तथा मासिक जलकर समय पर संग्रहित किए जाएँ।

उन्होंने कहा कि जलकर से प्राप्त राशि को ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (VWSC) के खाते में जमा किया जाए, ताकि योजनाओं के संचालन, मरम्मति और पाँच वर्ष की संपोषण अवधि के बाद भी जलापूर्ति व्यवस्था निरंतर सुचारू रूप से चलती रहे।उपायुक्त हेमंत सती ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि हर परिवार अपने घरों में जल संयोजन अवश्य लें और समय-समय पर जलकर जमा कर योजना की दीर्घकालिक स्थिरता में सहयोग करें। उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि समुदाय के सहयोग से डिहारी गाँव में स्वच्छ जलापूर्ति की समस्या का स्थायी समाधान संभव है।निरीक्षण के दौरान पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल साहिबगंज के कार्यपालक अभियंता,कनीय अभियंता,जिला समन्वयक, जल जीवन मिशन,पंचायत प्रतिनिधि उपमुखिया तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।
