श्रीकांत दास / विशाल विचार

साहिबगंज।झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), साहिबगंज अखिल कुमार के कुशल मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान के तहत सघन जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की DAWN (Drug Awareness and Wellness Navigation) योजना–2025 के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है।इसी क्रम में आयोजित एक जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डालसा सचिव विश्वनाथ भगत ने नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थ न केवल व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचाते हैं, बल्कि इसके दूरगामी सामाजिक और कानूनी परिणाम भी होते हैं। नशा व्यक्ति के भविष्य, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक सिद्ध होता है।डालसा सचिव ने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे साथियों के दबाव (पीयर प्रेशर) में आकर नशे की ओर न बढ़ें और मादक पदार्थों से पूर्णतः दूरी बनाए रखें। उन्होंने कहा कि नशे की शुरुआत अक्सर जिज्ञासा या मित्रों के प्रभाव से होती है, लेकिन यह धीरे-धीरे व्यक्ति को अपराध, बीमारी और सामाजिक पतन की ओर धकेल देती है।कार्यक्रम के दौरान नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव, एनडीपीएस अधिनियम (NDPS Act) के तहत उपलब्ध कठोर दंडात्मक प्रावधानों, तथा विधिक सेवा संस्थानों की भूमिका के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। आमजन को बताया गया कि नशे से जुड़े अपराधों में कठोर सजा का प्रावधान है और इससे बचाव ही सबसे बेहतर उपाय है।जागरूकता अभियान के अंतर्गत बैनर एवं पोस्टर का प्रदर्शन किया गया तथा लोगों के बीच पंपलेट का वितरण कर नशे से होने वाले नुकसान और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही नालसा की हेल्पलाइन संख्या 15100 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया, ताकि नशे से प्रभावित या जरूरतमंद व्यक्ति समय पर विधिक सहायता, काउंसलिंग एवं मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें।इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं एवं अन्य हितधारकों को मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खतरों, इसके कानूनी परिणामों, तथा निवारक उपायों, काउंसलिंग और पुनर्वास सेवाओं के प्रति संवेदनशील बनाना है। अभियान का प्राथमिक लक्ष्य नशे की प्रारंभिक रोकथाम, समय पर परामर्श और पुनर्वास के प्रति जागरूकता फैलाना है, ताकि विशेषकर हाशिए पर रहने वाले युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।डालसा द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान साहिबगंज जिले में नशे के खिलाफ एक सशक्त जन-आंदोलन के रूप में उभर रहा है, जो आने वाले समय में नशा मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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