
श्रीकांत दास / विशाल विचार
साहिबगंज जिले में बढ़ती ठंड को देखते हुए झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), साहिबगंज द्वारा एक व्यापक कंबल वितरण अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत व्यवहार न्यायालय परिसर सहित शहर के विभिन्न इलाकों में वृद्धजनों, दिव्यांगों एवं असहाय जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरित किए गए।व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित वितरण कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज अखिल कुमार ने स्वयं जरूरतमंदों को कंबल प्रदान कर मानवीय संवेदना का परिचय दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ठंड के इस कठिन समय में समाज के सबसे कमजोर वर्गों की सहायता करना न्यायिक व्यवस्था की सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।कार्यक्रम से पूर्व, विगत देर शाम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के निर्देश पर डालसा सचिव विश्वनाथ भगत ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने नमामि गंगे घाट, कुली पाड़ा, रेलवे स्टेशन, पटेल चौक सहित उन स्थानों का दौरा किया, जहां लोग खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं। भ्रमण के क्रम में डालसा सचिव ने स्वयं आगे बढ़कर जरूरतमंदों को कंबल ओढ़ाए और उनका हालचाल जाना।डालसा सचिव विश्वनाथ भगत ने जानकारी देते हुए बताया कि पैरा लीगल वालंटियर्स (न्याय मित्रों) की एक विशेष टीम का गठन किया गया है। यह टीम रैन बसेरों, आश्रय गृहों और झुग्गी-बस्तियों में जाकर अत्यधिक ठंड से प्रभावित लोगों की पहचान कर रही है। टीम का उद्देश्य न केवल कंबल उपलब्ध कराना है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि पात्र लोगों को सरकार की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।इस अवसर पर अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी तुषार आनंद, न्यायालय के कई अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में पैरा लीगल वालंटियर्स उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस मानवीय अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।डालसा साहिबगंज ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता या समस्या के समाधान के लिए वे निःसंकोच निम्नलिखित माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं नालसा टोल-फ्री हेल्पलाइन15100 डालसा साहिबगंज संपर्क नंबर 9471521725 ई-मेल
dlsasahibganj@gmail.com
डालसा का यह प्रयास न केवल जरूरतमंदों को ठंड से राहत देने की दिशा में एक सराहनीय कदम है, बल्कि समाज में न्याय और मानवीय संवेदना को सुदृढ़ करने का भी सशक्त संदेश देता है।
