झालसा एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में दिव्यांग बच्चों ने दिखाया अद्भुत कौशल।

श्रीकांत दास / विशाल विचार

साहिबगंज।अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) रांची के निर्देश और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार साहिबगंज अखिल कुमार के मार्गदर्शन में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन नेत्रहीन एवं स्पैस्टिक दिव्यांग आवासीय विद्यालय, साहिबगंज में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना, उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करना एवं समाज में दिव्यांगजनों के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना था।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विश्वनाथ भगत, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज ने दिव्यांग बच्चों और उपस्थितजनों को प्रेरणादायक संबोधन दिया।उन्होंने कहा कि “दिव्यांग होना किसी भी प्रकार की कमजोरी नहीं, बल्कि एक विशिष्ट क्षमता है। दिव्यांगजन समाज के किसी भी सामान्य नागरिक की तरह सक्षम हैं और यदि उन्हें समान अवसर दिया जाए तो वे हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने में समर्थ हैं।”उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों को सम्मान, सहयोग और अवसर देने की ज़िम्मेदारी हम सभी की है। यदि उन्हें उचित वातावरण मिले, तो वे अपने कौशल और प्रतिभा से समाज को नई दिशा दे सकते हैं।दिव्यांग बच्चों ने दिखाया उत्साह और प्रतिभा कार्यक्रम में विद्यालय के दिव्यांग बच्चों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन किया।सांस्कृतिक कार्यक्रम गीत-संगीत नृत्य खेल-कूद रचनात्मक गतिविधियाँ इन सभी में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उनकी प्रस्तुतियों ने वहां उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। बच्चों की मेहनत और आत्मविश्वास ने यह संदेश स्पष्ट किया कि वे किसी भी दृष्टि से सामान्य बच्चों से कम नहीं हैं।कार्यक्रम के अंत में बच्चों को प्रोत्साहित करने हेतु विश्वनाथ भगत सहित प्राधिकार के अन्य अधिकारियों द्वारा पुरस्कार वितरण किया गया। पुरस्कार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे और पूरे विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल बन गया।कार्यक्रम में कई विभागों की रही सराहनीय उपस्थिति इस अवसर पर जिला जनसंपर्क पदाधिकारी संजय कुमार दास,चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल अरविंद गोयल,जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पूनम कुमारी,विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएँ तथा अन्य कर्मचारी एवं अभिभावक उपस्थित रहे और बच्चों को प्रोत्साहित किया।कार्यक्रम का समापन बच्चों और अधिकारियों के बीच संवाद सत्र एवं प्रेरणादायक संदेशों के साथ हुआ। इस आयोजन ने न केवल दिव्यांग बच्चों को एक सकारात्मक मंच प्रदान किया, बल्कि समाज को भी यह याद दिलाया कि दिव्यांगजन हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्हें समान अवसर और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए।

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