सुमन कुमार दत्ता/विशाल विचार

महेशपुर (पाकुड़): महेशपुर प्रखंड मुख्यालय में गुरुवार को अक्षय नवमी का पर्व धार्मिक आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पीडब्ल्यूडी परिसर स्थित आंवला वृक्ष के नीचे सुबह से ही सौभाग्यवती (सुहागिन) महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सभी महिलाओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर अपने पति और पुत्र की दीर्घायु तथा अखंड सौभाग्य की कामना की।पूजा-अर्चना का कार्य पुरोहित संतोष चौबे के निर्देशन में वैदिक परंपरा के अनुसार संपन्न हुआ। महिलाओं ने स्नान-ध्यान कर पवित्र मन से आंवले के पेड़ की पूजा की और लाल धागा बांधकर पेड़ की परिक्रमा की। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस दिन आंवला वृक्ष की पूजा करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैंपुरोहित संतोष चौबे ने बताया कि कार्तिक शुक्ल नवमी को अक्षय नवमी के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख है कि इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा कर 108 बार परिक्रमा करने से व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य का वास होता है।पूरे दिन महेशपुर में भक्तिमय वातावरण रहा। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सजी-धजी एक-दूसरे को बधाई दी और उत्सव के इस पावन पर्व का आनंद उठाया।

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