सुमन कुमार दत्ता /विशाल विचार
पाकुड़ :-पाकुड़ जिले में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में है। उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में टास्क फोर्स, अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी और संबंधित विभागों द्वारा अब तक की गई कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की गई।बैठक में जिला खनन पदाधिकारी ने बताया कि जिले में कोयले से प्राप्त राजस्व में वृद्धि हुई है, जबकि पत्थर डिस्पैच में पिछले वर्ष की तुलना में कमी आई है, जिसके कारण राजस्व में गिरावट दर्ज की गई है। इस पर उपायुक्त ने नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि जिन खदानों में पत्थर डिस्पैच 50 प्रतिशत से कम है, वहां के लेसी (लीजधारकों) के साथ बैठक कर ठोस कदम उठाए जाएं।उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के मामले में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने खनन टास्क फोर्स की टीम को संयुक्त रूप से कोयला, बालू और पत्थर परिवहन करने वाले वाहनों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। साथ ही सभी चेकपोस्टों पर सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त करने और सतत निगरानी रखने को कहा।उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में खनन माफियाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने का आदेश दिया। उपायुक्त ने चेतावनी दी कि इस अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर संचालकों एवं वाहन मालिकों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।बैठक में पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने भी स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी थाना प्रभारी प्रतिदिन अपने-अपने चेकनाका का औचक निरीक्षण करें और अवैध कोयला, पत्थर एवं बालू के परिवहन पर विशेष निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि पुलिस, खनन, परिवहन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर औचक छापेमारी की जाए ताकि अवैध खनन पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।प्रशासन ने यह भी कहा कि इस संयुक्त अभियान का मुख्य उद्देश्य खनिज संपदा की सुरक्षा, राजस्व वृद्धि और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना है। उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
