
श्रीकांत दास / विशाल विचार
साहिबगंज।असम आदिवासी समाज के तत्वावधान में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रतिनिधिमंडल के साथ आदिवासी समाज के अधिकारों, सुरक्षा एवं संवैधानिक हितों की रक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण विशेष बैठक का आयोजन असम के विश्वनाथ चरैली में किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य असम में निवास कर रहे आदिवासी समुदाय की जमीनी
समस्याओं,सामाजिक आर्थिक चुनौतियों तथा उनके संवैधानिक अधिकारों पर गंभीर एवं सार्थक चर्चा करना रहा।इस अहम बैठक में झारखंड सरकार के मंत्री चमरा लिंडा, राजमहल लोकसभा सांसद विजय कुमार हांसदा, राजमहल विधायक मो. ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा तथा गुमला विधायक भूषण तिर्की प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। झामुमो प्रतिनिधिमंडल ने असम आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना तथा उनके समाधान के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान, अधिकार और अस्तित्व की रक्षा झामुमो की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि असम में रह रहे आदिवासी समुदाय को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, भूमि अधिकार एवं सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित कराने के लिए ठोस एवं प्रभावी पहल की आवश्यकता है।झामुमो प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आश्वस्त किया कि आदिवासी समाज से जुड़े सभी मुद्दों को संबंधित राज्य सरकारों एवं केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा, ताकि उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।इस अवसर पर उपस्थित असम आदिवासी समाज के नेताओं ने झामुमो नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल से समाज को नई मजबूती मिलेगी तथा आदिवासी अधिकारों की लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त आवाज प्राप्त होगी।बैठक सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुई तथा भविष्य में भी इस तरह के निरंतर संवाद और सहयोग बनाए रखने पर सर्वसम्मति से सहमति व्यक्त की गई।
