
श्रीकांत दास / विशाल विचार
राजमहल (साहिबगंज)।देश की आज़ादी के महानायक, आज़ाद हिंद फ़ौज के संस्थापक एवं अदम्य साहस के प्रतीक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को राजमहल में एक गरिमामय श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नगर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी सदानंद महतो, कार्यपालक पदाधिकारी दानिश हुसैन तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल पदाधिकारी मोहम्मद यूसुफ ने संयुक्त रूप से नेताजी की प्रतिमा पर भव्य माल्यार्पण किया और उनके अतुलनीय योगदान को नमन किया।इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन देशभक्ति, त्याग और संघर्ष का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भारतीय स्वाधीनता संग्राम के दौरान दिया गया नेताजी का ऐतिहासिक नारा “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा” आज भी देश के युवाओं में राष्ट्रसेवा, बलिदान और आत्मसम्मान की भावना को जागृत करता है।अधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि नेताजी का सपना एक सशक्त, एकजुट और आत्मनिर्भर भारत का था। उनके आदर्शों और विचारों को आत्मसात कर ही देश को प्रगति की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मियों ने नेताजी के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने, देश की एकता एवं अखंडता बनाए रखने तथा राष्ट्रहित में ईमानदारी से कार्य करने का संकल्प लिया।पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण देशभक्ति के नारों और राष्ट्रप्रेम के उत्साह से ओत-प्रोत रहा।
