घरेलू गैस दुर्घटनाओं से बचाव को लेकर किया गया लाइव प्रदर्शन।

श्रीकांत दास / विशाल विचार
राजमहल (साहिबगंज):राजमहल नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत नीलकोठी स्थित चैती दुर्गा पूजा स्थल के समीप चौराहा पर रविवार को अग्निशमन सुरक्षा एवं घरेलू गैस दुर्घटनाओं से बचाव को लेकर एक महत्वपूर्ण जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को आगजनी जैसी आपात परिस्थितियों में सतर्क रहने, आत्मरक्षा के उपाय अपनाने तथा जन-धन की संभावित क्षति को रोकने के प्रति जागरूक करना था।इस जागरूकता अभियान का नेतृत्व राजमहल प्रभारी अग्निशमन पदाधिकारी सुमंत कुमार सिंह चौहान ने किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ग्रामीणों एवं स्थानीय नागरिकों को आग से बचाव के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी दी, विशेष रूप से एचपी घरेलू गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति में क्या करें और क्या न करें, इस पर विस्तार से समझाया।अग्निशमन पदाधिकारी सुमंत कुमार सिंह चौहान ने कहा कि गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति में घबराना सबसे बड़ी भूल होती है। उन्होंने बताया कि ऐसे समय में शांत रहकर गैस रेगुलेटर को सुरक्षित तरीके से बंद करना, गीले कपड़े या बोरे से आग को ढकना, तथा आवश्यकता पड़ने पर सिलेंडर को सावधानीपूर्वक खुली जगह में ले जाना चाहिए। इन सभी उपायों का उन्होंने मौके पर लाइव प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों को प्रत्यक्ष रूप से समझाया।उन्होंने कहा कि अधिकांश अग्निकांड जानकारी के अभाव और छोटी-छोटी लापरवाहियों के कारण होते हैं, जबकि सही जानकारी और थोड़ी-सी सावधानी से बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि गैस चूल्हा जलाते समय पूरी सतर्कता बरतें, समय-समय पर गैस पाइप और रेगुलेटर की जांच करें तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दें।कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अग्निशमन से संबंधित अपने सवाल पूछे। लोगों ने इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की।इस मौके पर अग्नि चालक ऋतिक कुमार तिवारी, प्रधान अग्नि चालक प्रकाश यादव, नगर पंचायत क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक, ग्रामीण एवं चैती दुर्गा पूजा समिति से जुड़े पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को आपदा की स्थिति में आत्मरक्षा के लिए तैयार करना, आगजनी से होने वाली जनहानि को रोकना तथा समाज में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
