शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनकल्याण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, गुणवत्ता और समयबद्धता पर दिया विशेष जोर।

श्रीकांत दास / विशाल विचार
साहिबगंज जिले के उपायुक्त हेमंत सती द्वारा जिले में संचालित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य केंद्रों एवं निर्माणाधीन विकास कार्यों का व्यापक स्थल निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा करना, कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा जनहित से जुड़े कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराना था।निरीक्षण क्रम की शुरुआत राजकीय अनुसूचित जनजाति आवासीय उच्च विद्यालय में की गई, जहाँ उपायुक्त द्वारा प्रस्तावित 100 बेड के आवासीय छात्रावास एवं 6 अतिरिक्त कक्षा कक्षों के निर्माण कार्य हेतु स्थल निरीक्षण किया गया। इस दौरान संबंधित पदाधिकारियों को निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्ता बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।इसके पश्चात उपायुक्त ने रा० अनु० ज० जा० आ० उच्च विद्यालय, बंदरकोल में निर्माणाधीन विद्यालय भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों को समयसीमा के भीतर पूर्ण करने तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।निरीक्षण के अगले चरण में उपायुक्त ने अनु० ज० जा० आ० उच्च विद्यालय, चांदवासी का दौरा किया, जहाँ उन्होंने 6 अतिरिक्त कक्षा कक्षों के निर्माण एवं आवासीय छात्रावास के मरम्मती कार्य शीघ्र कराने का निर्देश दिया, ताकि छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।इसके साथ ही उपायुक्त द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर, तेलों का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया तथा आम नागरिकों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।उपायुक्त ने रा० अनु० ज० जा० आ० बालिका उच्च विद्यालय, बरहेट का भी निरीक्षण किया और छात्राओं की शैक्षणिक सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इसके अलावा उन्होंने पहाड़िया कल्याण अस्पताल, केंदुआ पतना का दौरा किया, जहाँ नए अस्पताल भवन निर्माण प्रस्ताव को लेकर स्थल निरीक्षण किया गया तथा संबंधित विभाग को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने वन विभाग द्वारा हाल के दिनों में रेस्क्यू किए गए भालू एवं बड़ी संख्या में पकड़े गए कछुओं का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने वन्यजीव संरक्षण एवं पर्यावरण संतुलन बनाए रखने को लेकर वन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।इस निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान परियोजना निदेशक, आईटीडीए संजय कुमार दास,कार्यपालक अभियंता देवीलाल हांसदा सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित से जुड़े विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि जिले के लोगों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।
