श्रीकांत दास / विशाल विचार

बरहरवा (साहिबगंज)।बरहरवा रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और ट्रेन एस्कॉर्टिंग पार्टी की संयुक्त कार्रवाई में फरक्का एक्सप्रेस (15734 डाउन) से जीवित कछुओं की बड़े पैमाने पर तस्करी का खुलासा हुआ। इस दौरान 18 बोरों में कुल 662 जीवित कछुए बरामद किए गए, जबकि तस्करी में संलिप्त एक पुरुष और दो महिलाओं को हिरासत में लिया गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार,दिल्ली–बलूरघाट फरक्का एक्सप्रेस में ड्यूटी पर तैनात ट्रेन एस्कॉर्टिंग पार्टी ने एस्कॉर्टिंग के दौरान कोच संख्या S/1 में संदिग्ध गतिविधि देखी। इस संबंध में तत्काल आरपीएफ पोस्ट बरहरवा को सूचना दी गई।सूचना मिलते ही आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार के नेतृत्व में एएसआई सुरेश पासवान, हेड कांस्टेबल रामशंकर, कांस्टेबल अजय कुमार, ए.के. साह एवं जे.पी. यादव की टीम ने शाम 4:10 बजे प्लेटफॉर्म संख्या-02 पर ट्रेन के पहुंचते ही छापेमारी की। इस दौरान ट्रेन एस्कॉर्टिंग पार्टी के इंचार्ज एएसआई बाबुल दास हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार कांस्टेबल मृत्युंजय कुमार एवं राजू सिंह सहित डीएससी/मालदा के जवानों ने भी कार्रवाई में सहयोग किया।जांच के दौरान पाया गया कि 16 बोरों में प्रत्येक में 40-40 जीवित कछुए, एक बोरे में 21 जीवित कछुए तथा एक बोरे में एक बड़े आकार का जीवित कछुआ रखा गया था। इस प्रकार कुल 662 जीवित कछुए बरामद किए गए।

पूछताछ में तीन यात्रियों ने कछुओं पर अपना दावा किया। उनकी पहचान 1. करण पत्थरकट (25 वर्ष),2. मंजू पत्थरकट (38 वर्ष) एवं3. कुसुम पत्थरकट (39 वर्ष)के रूप में हुई। तीनों पकड़ी गांव, थाना देहात कोतवाली, जिला सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश) के निवासी हैं।आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे वाराणसी से न्यू फरक्का तक जीवित कछुओं की खेप ले जा रहे थे, जहां इन्हें किसी अन्य व्यक्ति को सौंपा जाना था।घटना के बाद एएसआई बाबुल दास द्वारा शाम 4:30 बजे से 5:40 बजे तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के प्रावधानों के तहत गवाहों की उपस्थिति में जब्ती सूची तैयार की गई। इसके पश्चात तीनों आरोपियों को 18 बोरों सहित आरपीएफ पोस्ट बरहरवा लाया गया।मामले की सूचना वन विभाग, साहिबगंज को दी गई, जिसके बाद सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर जब्त सभी जीवित कछुओं को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *