
श्रीकांत दास / विशाल विचार
राजमहल साहिबगंज। राजमहल मानिकचक गंगा पुल निर्माण की मांग को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। झारखंड से पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाले प्रस्तावित राजमहल मानिकचक गंगा पुल के निर्माण को लेकर राजमहल लोकसभा सांसद विजय कुमार हांसदा एवं राजमहल विधानसभा क्षेत्र के विधायक मो. ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा ने संयुक्त रूप से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर उन्हें मांग पत्र सौंपा।इस अवसर पर सांसद एवं विधायक ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राजमहल मानिकचक गंगा पुल झारखंड राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। यह झारखंड में गंगा नदी पर बनने वाला एकमात्र ऐसा पुल होगा जो झारखंड को सीधे पश्चिम बंगाल से जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि वर्षों से यह परियोजना लंबित है, जबकि क्षेत्र की जनता लंबे समय से इस पुल की मांग करती आ रही है।सांसद विजय कुमार हांसदा ने कहा कि यदि राजमहल मानिकचक गंगा पुल का निर्माण होता है, तो इससे साहिबगंज जिला सहित पूरे संथाल परगना प्रमंडल को आर्थिक, सामाजिक और व्यावसायिक दृष्टिकोण से अभूतपूर्व लाभ मिलेगा। पुल के निर्माण से झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच आवागमन सुगम होगा, जिससे व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।विधायक एमटी राजा ने कहा कि वर्तमान में गंगा नदी पार करने के लिए लोगों को नाव या लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ता है, जिससे समय, संसाधन और सुरक्षा ऑल पर असर पड़ता है। पुल बनने से क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा और विकास को नई गति मिलेगी।दोनों जनप्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि जनहित एवं क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए राजमहल मानिकचक गंगा पुल परियोजना को शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्रीय मंत्री इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर सकारात्मक निर्णय लेंगे।राजमहल मानिकचक गंगा पुल न केवल झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच संपर्क का मजबूत माध्यम बनेगा, बल्कि यह पुल संथाल परगना के समग्र विकास का द्वार भी साबित होगा।
