श्रीकांत दास / विशाल विचार

बरहरवा (साहिबगंज)।“बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” योजना एवं 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत सोमवार को एन.डी.एम. उच्च विद्यालय, बरहरवा में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला समाज कल्याण पदाधिकारी संजय कुमार दास के निर्देशानुसार मंथन संस्था, चाइल्ड हेल्पलाइन, संरक्षण पदाधिकारी (गैर संस्थागत देखरेख) तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त सहयोग से संपन्न हुआ।कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं, विशेषकर बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण के प्रति जागरूक करना था।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संरक्षण पदाधिकारी (गैर संस्थागत देखरेख) चंदा कुमारी ने बालिकाओं के सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि आज की बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनने, आत्मरक्षा के कौशल सीखने तथा किसी भी कठिन परिस्थिति में साहस के साथ खड़े होने की आवश्यकता है।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बाल विवाह, बाल श्रम और शोषण जैसी सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी भी अनिवार्य है।इस अवसर पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि यह भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य लैंगिक समानता को बढ़ावा देना, बालिकाओं की शिक्षा सुनिश्चित करना, उनकी वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करना तथा उनके विरुद्ध प्रचलित हानिकारक सामाजिक प्रथाओं का अंत करना है।चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक मोहम्मद इकबाल ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2015 में भारत सरकार द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत की गई थी, ताकि देश में व्याप्त लैंगिक भेदभाव को समाप्त किया जा सके और महिलाओं एवं बालिकाओं को सशक्त बनाया जा सके।उन्होंने छात्राओं को गुड टच–बैड टच, बाल विवाह, बाल श्रम, यौन शोषण, पोक्सो अधिनियम, नशा मुक्ति, स्पॉन्सरशिप, फोस्टर केयर, आफ्टर केयर, दत्तक ग्रहण प्रक्रिया एवं किशोर न्याय अधिनियम (J.J. Act) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी।वहीं पीएलबी पवन कुमार ने छात्राओं को एंटी साइबर क्राइम के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि साइबर अपराध की किसी भी घटना की सूचना टोल फ्री नंबर 1930 पर तत्काल दी जा सकती है। उन्होंने छात्राओं से सोशल मीडिया के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग की अपील की।कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं तथा संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सभी ने बाल विवाह उन्मूलन, बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा को लेकर सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।

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