सड़क सुरक्षा व कल्याणकारी योजनाओं की दी गई जानकारी।

श्रीकांत दास / विशाल विचार
साहिबगंज।झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में रविवार को सिद्धू–कान्हू सभागार, साहिबगंज में आयोजित विधिक सेवाएं सह मेगा सशक्तिकरण शिविर के अवसर पर जिला परिवहन विभाग, साहिबगंज द्वारा एक जानकारीपरक स्टॉल के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया।स्टॉल के माध्यम से आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों एवं परिवहन विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। विभागीय अधिकारियों ने योजनाओं के लाभ, पात्रता तथा आवेदन प्रक्रिया के संबंध में उपस्थित लोगों को विस्तार से अवगत कराया।शिविर में विशेष रूप से नेक नागरिक (गुड समैरिटन) पॉलिसी की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के दौरान त्वरित सहायता प्रदान करने वाले नेक नागरिक को सरकार की ओर से ₹2000 की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को बिना किसी भय के दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की सहायता हेतु आगे आने के लिए प्रेरित करना है।इसके अतिरिक्त हिट एंड रन सड़क दुर्घटना मुआवजा योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि की जानकारी दी गई, जिसके अंतर्गत दुर्घटना में घायल व्यक्ति को ₹50,000/- तथा मृत्यु होने पर मृतक के आश्रितों को ₹2,00,000/- की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।शिविर में मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के उद्देश्यों एवं लाभों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा सुलभ कराने, रोजगार सृजन तथा आवागमन को आसान बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई।सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से नागरिकों को हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य प्रयोग, तेज गति से वाहन न चलाने, नशे की हालत में वाहन न चलाने तथा यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया गया। इस दौरान हैंडबिल, बुकलेट, पंपलेट एवं विभिन्न योजनाओं से संबंधित आवेदन प्रपत्रों का भी वितरण किया गया।इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश, उप विकास आयुक्त, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधक, सड़क सुरक्षा समिति के सदस्यगण सहित अन्य वरीय पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।जिला परिवहन विभाग की यह पहल आम नागरिकों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं सरकारी योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में एक सराहनीय कदम सिद्ध हुई।
