जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज द्वारा कई स्तरों पर स्वास्थ्य एवं कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।

श्रीकांत दास / विशाल विचार

साहिबगंज राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (NALSA) के निर्देश तथा झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (JHALSA) के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज की ओर से एचआईवी एवं एड्स (रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम, 2017 के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु जिलेभर में व्यापक अभियान चलाया गया। यह अभियान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार अखिल कुमार के नेतृत्व एवं दिशा-निर्देशन में सम्पन्न हुआ।जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव विश्वनाथ भगत ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य एचआईवी एवं एड्स (रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम, 2017 के अंतर्गत प्रभावित व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों के बारे में समाज को जागरूक करना।एचआईवी संक्रमित लोगों के प्रति भेदभाव एवं सामाजिक कलंक को समाप्त करना।स्वास्थ्य सेवाओं, परामर्श और उपचार तक सबकी समान पहुंच सुनिश्चित करना।विभिन्न संस्थानों का सहयोग अभियान को जिले के विभिन्न संगठनों, विभागों और संस्थानों ने सहयोग प्रदान किया।पैरा लीगल वालंटियर्स स्वास्थ्य विभाग की टीम शैक्षणिक संस्थान सामाजिक संगठनों इन सभी के संयुक्त प्रयास से जागरूकता रैलियाँ, कानूनी जागरूकता सत्र, स्वास्थ्य परामर्श शिविर और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए।मंडल कारा साहिबगंज में आयोजित विशेष शिविर में कारा चिकित्सक डॉ. मोहन मुर्मू तथा आईसीटीसी काउंसलर बसंत महतो ने बंदियों को एचआईवी एवं एड्स की
रोकथाम,संक्रमण के तरीकों,सावधानियों,तथा उपचार व्यवस्था के बारे में विस्तार से मार्गदर्शन दिया।बंदी समुदाय में जागरूकता फैलाने को लेकर यह शिविर अत्यंत प्रभावी साबित हुआ।विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम जिले के कई विद्यालयों में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहाँ लीगल एड डिफेंस काउंसिल रविन्द्र श्रीवास्तव ने छात्रों को एचआईवी एवं एड्स से बचाव संबंधी वैज्ञानिक जानकारी,सामाजिक दायित्व,और अधिनियम, 2017 के तहत उपलब्ध कानूनी सुरक्षा के बारे में जागरूक किया।उन्होंने स्पष्ट बताया कि एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के साथ भेदभाव करना कानूनन दंडनीय अपराध है और उनका सम्मानपूर्वक उपचार समाज का नैतिक दायित्व है।अधिनियम 2017 के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी कार्यक्रमों में यह भी बताया गया कि सभी प्रभावित व्यक्तियों को निःशुल्क एंटी रेट्रोवायरल ट्रीटमेंट (ART) उपलब्ध कराना सरकार का दायित्व है।किसी भी सरकारी या निजी संस्था द्वारा भेदभाव, अपमान या सेवा देने से इनकार करना गैरकानूनी है।एचआईवी संक्रमित व्यक्ति समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें सम्मानजनक जीवन का पूरा अधिकार है।समाज को संवेदनशील बनाने की पहल अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि “एचआईवी एवं एड्स से लड़ाई में सबसे प्रभावी हथियार है जागरूकता, संवेदनशीलता और सहयोग।”जिला विधिक सेवा प्राधिकार के इस सामूहिक प्रयास ने समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने का कार्य किया और लोगों को वैज्ञानिक, मानवीय तथा कानूनी दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *