
श्रीकांत दास / विशाल विचार
साहिबगंज: संविधान दिवस के अवसर पर बुधवार को व्यवहार न्यायालय में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अखिल कुमार ने न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को संविधान की प्रस्तावना पढ़ाई। उन्होंने कहा कि संविधान देश का सर्वोच्च विधान है, जो सभी नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा अवसर की समानता प्रदान करता है।इस अवसर पर उपस्थित सभी न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने संविधान के मूल सिद्धांतों — न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व — को आत्मसात करने का संकल्प लिया।कार्यक्रम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम शेखर कुमार, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सिंधुनाथ लमाये, सीनियर सिविल जज अलोक मरांडी, रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी राहुल कुमार, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी तुषार आनंद, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सुमित कुमार वर्मा, चीफ लीगल एड डिफेन्स काउंसिल अर्विंद गोयल और उनकी टीम, न्यायालय कर्मी तथा पारा लीगल वॉलंटियर्स उपस्थित थे।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विश्वनाथ भगत ने बताया कि इस अवसर पर प्रत्येक प्रखंड और विद्यालयों में पारा लीगल वॉलंटियर्स (न्याय मित्र) ने बच्चों और आम जनमानस के साथ मिलकर संविधान की प्रस्तावना दोहराई। सभी ने संकल्प लिया कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से करेंगे तथा संविधान की प्रस्तावना की मूल भावना का पालन करेंगे।
