
श्रीकांत दास / विशाल विचार
साहिबगंज झारखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज अखिल कुमार के मार्गदर्शन में सोमवार को जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज द्वारा लीगल एड डिफेंस कौंसिल के न्याय रक्षक और पैरा लीगल वॉलंटियर्स (न्याय मित्र) के माध्यम से किया गया।कार्यक्रम में प्राधिकार के सचिव विश्वनाथ भगत ने बताया कि इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानपूर्वक, सुरक्षित एवं आर्थिक रूप से सक्षम जीवन जीने का अधिकार सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सरकार नागरिकों से अपेक्षा करती है कि वे इस अधिनियम की भावना का सम्मान करते हुए अपने माता-पिता और बुजुर्गों की देखभाल में सक्रिय भूमिका निभाएँ।कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि अधिनियम उन माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी संरक्षण प्रदान करता है जो उपेक्षा, आर्थिक कठिनाइयों या देखभाल के अभाव का सामना कर रहे हैं। अधिनियम के तहत वयस्क संतानों, रिश्तेदारों या वैधानिक अभिभावकों पर माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है।जागरूकता के उद्देश्य से पम्पलेट का वितरण किया गया और अधिनियम की मुख्य विशेषताओं जैसे भरण-पोषण का अधिकार, त्वरित सुनवाई, मासिक भत्ता, वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, उनके आवास और देखभाल से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी गई।
