श्रीकांत दास / विशाल विचार

साहिबगंज झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज अखिल कुमार के मार्गदर्शन में रविवार राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस के अवसर पर जिले के विभिन्न प्रखंडों, पंचायतों एवं ग्रामों में व्यापक विधिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।कार्यक्रमों के दौरान पारा लीगल वॉलेंटियर्स (न्याय मित्र) ने उपस्थित नागरिकों को बताया कि इस दिवस का उद्देश्य “न्याय तक सबकी समान पहुँच” सुनिश्चित करना है। नि:शुल्क एवं सक्षम कानूनी सेवाओं के माध्यम से समाज के कमजोर, वंचित एवं पिछड़े वर्गों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना तथा उन्हें न्याय प्राप्ति का अवसर प्रदान करना विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 का मूल उद्देश्य है।

उन्होंने बताया कि अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, अनुसूचित जाति एवं जनजाति, महिला, बालक, वृद्ध, दिव्यांगजन एवं अन्य असहाय नागरिकों को नि:शुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने का संवैधानिक अधिकार है।जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज के सचिव विश्वनाथ भगत ने कहा कि “न्याय पाने का अधिकार प्रत्येक नागरिक को बिना किसी भेदभाव के प्राप्त है। न्याय, समानता और विधिक जागरूकता समाज के सर्वांगीण विकास की आधारशिला हैं,इसलिए हर नागरिक को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग रहना चाहिए।”उन्होंने यह भी बताया कि पात्र नागरिक व्यवहार न्यायालय परिसर, साहिबगंज स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकार कार्यालय तथा राजमहल अनुमंडल व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित अनुमंडल विधिक सेवा समिति कार्यालय से नि:शुल्क विधिक सहायता एवं कानूनी परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा संचालित हेल्पलाइन नंबर 15100 के माध्यम से 24×7 नि:शुल्क कानूनी सलाह भी उपलब्ध है।जागरूकता कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में आम नागरिकों की सहभागिता रही। सभी ने विधिक साक्षरता के महत्व को समझते हुए समाज में न्याय, समानता एवं अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।

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