
श्रीकांत दास / विशाल विचार
राजमहल (साहिबगंज): कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार की सुबह से ही राजमहल नगर पंचायत क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। उत्तरवाहिनी गंगा तट स्थित सूर्य देव घाट, फेरी घाट, हनुमान घाट, कालीघाट सहित सभी स्नान स्थलों पर श्रद्धालुओं ने माँ गंगा में आस्था की डुबकी लगाई।गंगा स्नान के साथ-साथ दीपदान, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा। स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने सूर्य मंदिरों में पूजा कर परिवार, समाज और विश्व के कल्याण की कामना की।इस अवसर पर आदिवासी समुदाय के लोग भी पारंपरिक वेशभूषा में अपने-अपने गुरुओं के साथ राजमहल के सिंधी दालान सूर्य देव मंदिर, बालू प्लॉट और रेलवे परिसर स्थित स्थलों पर अखाड़ा लगाकर पूजा-अर्चना करते नजर आए। उनके पारंपरिक गीत, नृत्य और पूजा की झलक ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक और उत्सवमय बना दिया।राजमहल नगर क्षेत्र के अलावा उधवा, बरहरवा, बरहेट, पतना, बोरियो, मंडरो, महागामा, गोड्डा, पाकुड़, सुंदरपहाड़ी सहित आसपास के इलाकों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु राजमहल पहुँचे। पूरे दिन गंगा तट पर आस्था, भक्ति और आनंद का संगम देखने को मिला।सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से पुलिस बल की तैनाती की गई थी। अधिकारी लगातार घाटों का भ्रमण कर स्थिति पर नजर बनाए हुए थे ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।


