सुमन कुमार दत्ता /विशाल विचार
पाकुड़ :-समाहरणालय स्थित सभागार में शनिवार को उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) अंतर्गत संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान उपायुक्त ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अभियंताओं को सम्मानित किया और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
डीएमएफटी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने का निर्देश
उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि डीएमएफटी कोष से चल रही योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए।
उन्होंने कहा कि योजनाओं की भौतिक प्रगति और वित्तीय उपयोगिता दोनों पर समान रूप से निगरानी रखी जानी चाहिए ताकि हर कार्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो।
गुणवत्ता पर किसी भी तरह का समझौता नहीं
श्री मनीष कुमार ने सभी कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता पर किसी भी स्थिति में समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी योजना में देरी या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो जिम्मेदार पदाधिकारी के विरुद्ध उत्तरदायित्व तय किया जाएगा।
फील्ड विजिट और निगरानी पर जोर
उपायुक्त ने अभियंताओं को नियमित फील्ड विजिट करने का निर्देश दिया ताकि योजनाओं के मैदानी कार्य की स्थिति की वास्तविक जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना का उद्देश्य तभी सार्थक है जब उसका प्रत्यक्ष लाभ जनता तक पहुंचे।
शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क योजनाओं की समीक्षा
बैठक के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क निर्माण और अधोसंरचना विकास से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि डीएमएफटी कोष का मुख्य उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।
उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि प्रत्येक योजना का जनसरोकार से जुड़ा परिणाम ज़मीनी स्तर पर दिखाई दे।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में उप विकास आयुक्त महेश कुमार संथालिया, विशेष कार्य पदाधिकारी त्रिभुवन कुमार सिंह, तथा विभिन्न तकनीकी विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
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