आस्था, संयम और पवित्रता के प्रतीक पर्व का उत्सव जेल परिसर में भी झलका।

श्रीकांत दास / विशाल विचार
साहिबगंज: मंडलकारा साहिबगंज में आस्था और श्रद्धा का महापर्व छठ पूरे सम्मान और विश्वास के साथ मनाया गया। जेल में निरुद्ध दो पुरुष बंदियों ने सूर्य उपासना के इस महान पर्व का व्रत रखकर अपने आत्मिक विश्वास और धार्मिक आस्था का परिचय दिया।जेल प्रशासन की ओर से व्रती बंदियों को पूजन एवं अर्घ्य हेतु आवश्यक सभी सामग्री — फल, प्रसाद, दीप, वस्त्र, बाँस की सूप, टोकरी आदि — उपलब्ध कराई गई। अर्घ्यदान हेतु विशेष व्यवस्था भी जेल परिसर में की गई, जहाँ श्रद्धा और भक्ति का वातावरण व्याप्त रहा।जेल अधीक्षक चंद्रशेखर प्रसाद सुमन ने बताया, “छठ पर्व आस्था, संयम और पवित्रता का प्रतीक है। हर व्यक्ति को अपने धार्मिक विश्वासों के अनुसार पूजा-अर्चना करने का अधिकार है। हमारा दायित्व है कि हम हर बंदी की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करें।”इस अवसर पर जेल कर्मियों एवं अन्य बंदियों ने भी व्रतियों का सहयोग किया और सामूहिक रूप से शांति, सौहार्द और समाज में सद्भावना के लिए प्रार्थना की।

