विशाल विचार-शेखर सिद्दीकी ब्यूरो चीप फतेहपुर

जनपद में मोरम माफ़ियाओं की निरंकुशता और भारी वाहनों की खुलेआम ओवर लोडिंग ने व्यवस्था का मख़ौल बनाकर रख दिया है। प्रशासन के साथ-साथ पुलिस, ख़निज और परिवहन अधिकारियों का संरक्षण योगी के जीरों टॉलरेंस के दावों की तो हवा निकाल ही रहा है, साथ में शासन की फ़ज़ीहत भी हो रही है! शासन को भेजे गए एक शिकायतीपत्र में आरोप लगाया गया है कि जनपद के असोथर एवं ललौली थाना क्षेत्र में माफ़ियाओं द्वारा कई बड़े मोरम के डम्प करवाये गए हैं, जिनसे रोज़ाना डेढ़ सैकड़ा के क़रीब डम्फर और ट्रकों से निकासी होती है। इसमें ज़िला खनिज अधिकारी की संलिप्तता बताईं गई है और ओवर लोडिंग के लिए उप संभागीय परिवहन अधिकारी (रोड़) को ज़िम्मेदार ठहराया गया है। साथ ज़िला एवं पुलिस प्रशासन की भूमिका को भी आरोपित किया गया है।
सूत्रों के अनुसार बिंदकी क्षेत्र के एक पूर्व विधायक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनके द्वारा दूसरी बार शासन का ध्यान अवैध से भंडारित बड़े मोरम के डम्पो से रोज़ाना होने वाली सैकड़ों ट्रक मोरम की निकासी की ओर आकृष्ट कराया गया है। बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर अवैध रूप से डम्प हज़ारों घन मीटर मोरम की अवैध ढुलाई और बड़े पैमाने पर ओवर लोडिंग पर पर कार्यवाही करने की मांग की है। पूर्व विधायक का आरोप है कि उद्देश्यपूर्ण ढंग से सीज़न में मोरम घाटो से बग़ैर रिकार्ड के कई हज़ार घन मीटर मोरम का डम्प कराया गया था। इस अवैध खनन और भंडारण की ज़िला प्रशासन स्तर पर शिकायत भी की गई थी किन्तु ज़िला ख़निज अधिकारी ने हल्के में निपटा दिया। बताया कि इन डम्पों से कई हज़ार गाड़ी मोरम निकल जाने के बाद ख़निज विभाग ने रिकार्ड में लिया और औसत से काफ़ी कम राजस्व में इन डम्पों से मोरम निकासी की अनुमति दे दी। जनपद के असोथर और ललौली थाना क्षेत्र में मोरम के इन चार-पाँच बड़े डम्प से रोज़ाना डेढ़ से दो सौ डम्फर और ट्रक ओवर लोडिंग होती हैं।


उपरोक्त पूर्व विधायक का आरोप है कि एक तरफ़ ख़निज अधिकारी की अवैध निकासी में संलिप्तता है, तो वहीं दूसरी ओर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (मार्ग) के सीधे संरक्षण में भारी वाहनों में ओवर लोडिंग हो रही हैं। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में ललौली थाना क्षेत्र के सेवरामऊ गांव के निकट चर्चित राजनीतिज्ञ बाबा द्वारा कराये गए कई हज़ार घन मीटर मोरम के बड़े डम्प से रोजाना डेढ़ सौ के क़रीब डम्फरों में पोकलैंड से मोरम की ओवर लोडिंग हो रही हैं! इस डम्प के अवैध संचालन में सिस्टम के साथ साथ क्षेत्रीय पुलिस की भी महत्वपूर्ण भूमिका है! बताया कि इसी तरह असोथर थाना क्षेत्र में भी सीज़न में दो बड़े डम्प किए गए थे, जिनसे कई हज़ार घन मीटर मोरम ट्रक और डम्फ़रो से ढोई जा चुकी है। वहीं बाँदा जनपद के मरका थाना अंतर्गत खरौली-ताला इलाक़े में की गई दसियों हज़ार घन मीटर मोरम के अवैध भंडारण से बे-धड़क निकासी ओवर लोड वाहनों के ज़रिए असोथर थाना क्षेत्र में मरका यमुना पुल से इस जनपद से हो रही हैं, जिसमें ख़निज अधिकारी और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी की ख़ास भूमिका बताई जाती है। जिस तरह से राजस्व को चूना लगाया जा रहा है और ज़िले के मुख्य और लिंक हाईवे (मार्ग) की धज्जिया उड़ रही हैं, उससे माफियाओं के निरंकुश प्रभाव का सहज़ता से अंदाज़ा लगाया जा सकता है! उपरोक्त सन्दर्भ में जब दोनों अधिकारियों से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो सीयूजी नम्बर रिसीव नहीं हुए। अब सवाल यह उठता है कि योगीराज में सिस्टम की मिलीभगत से मोरम माफियाओं की इस अंधेरगर्दी के लिए ज़िम्मेदार कौन हैं!

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