Shefali Jariwala Demise (Heart Attack Symptoms): बॉलीवुड की काटा लगा गर्ल शेफाली जरीवाला के अचानक निधन से हर कोई सदमें मे है. किसी को यकीन नहीं हो रहा है कि शेफाली अब इस दुनिया में नही रही. महज 42 साल की उम्र में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया. रिपोर्ट्स की मानें तो बीती रात वो घर पर थीं और उनकी तबियत बिगड़ी, ऐसा माना जा रहा है कि उनका निधन कार्डियक अरेस्ट ( हार्ट अटैक) की वजह से हुआ है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, शेफाली को उनके पति, अभिनेता पराग त्यागी और 3 अन्य लोगों ने बीते शुक्रवार को मुंबई के एक मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में एडमिट कराया था. आपको बता दें कि हार्ट अटैक आने से पहले शरीर हमें कुछ संकेत देता है. इन संकेतों को समय से पहचान कर लेने से मरीजों की जान बचाने में मदद मिल सकती है. आइए पद्म भूषण कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. टीएस क्लेर  (Cardiologist) से जानते हैं कि किन संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए और कब लेनी चाहिए डॉक्टर की मदद.

चेस्ट पेन

दिल के दौरे का आम संकेत होता है छाती में दर्द। यह दर्द छाती, छाती के बाएं हिस्से, बाएं बाह में और जबड़ों में अनुभव किया जा सकता है। कभी-कभी यह दर्द तीव्र होता है, लेकिन कई बार यह दर्द हल्का से मध्यम स्तर का हो सकता है।

सांस लेने में परेशानी

कुछ लोगों को हार्ट अटैक से पहले दर्द का अनुभव कम होता है और सांस लेने में परेशानी का अनुभव होता है. खासकर डायबिटीज के मरीजों को दर्द का अनुभव नहीं होता है. उनके नर्व नम पड़ चुके होते हैं इसलिए उन्हें दर्द अनुभव नहीं होता है.

बेहोशी

आर्ट अटैक के संकेत में बेहोशी भी शामिल है. कुछ मामलों मे सांस लेने मे परेशानी और बॉडी में ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीज बेहोश हो जाता है.

नोट- चेस्ट पेन, बाहों में पेन या जबड़ों में पेन अनुभव होने या सांस लेने में कठिनाई होने की स्थिति अगर बीस मिनट से ज्यादा रहे तो तुरंत डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए.

ग्लूटाथियोन का कर रही थीं सेवन 

सूत्रों के मुताबिक, शेफाली पिछले पांच से छह सालों से युवा नजर आने के लिए एक खास इलाज करवा रही थीं। इस संदर्भ में वह एक उम्र-विरोधी उपचार करा रही थीं। यह उपचार सामान्यत: त्वचा को अधिक आकर्षक और युवा दिखाने के लिए किया जाता है। इसमें उपयोग की जाने वाली दवाओं में मुख्यत: विटामिन C और ग्लूटाथियोन सम्मिलित थे।

ग्लूटाथियोन एक ऐसी दवा है जिसे स्किन फेयरनेस और डिटॉक्सिफिकेशन के लिए उपयोग किया जाता है. डॉक्टर का कहना है कि इन दवाओं का हृदय पर सीधे कोई प्रभाव नहीं होता और यह केवल सौंदर्य से जुड़ा इलाज है. फिलहाल, फोरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमॉर्टम के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ पाएगी.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.)

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