दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार के पूर्व मंत्री सत्येन्द्र जैन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में नई जमानत याचिकाएँ दाखिल की गई हैं जो कि सत्येंद्र जैन के सह आरोपी अंकुश और वैभव जैन द्वारा दायर की गई हैं जिसके बाद ईडी को कोर्ट ने इस संबंध में एक नोटिस जारी किया। इस मामले की सुनवाई के लिए 20 मई की तिथि निर्धारित की गई है। मामले के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार जाँच अभी चल रही है। इस मामले में अभी पूरी चार्जशीट भी विधिवत् रूप से दायर नहीं की गई है। मामले को लेकर वकील ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि एक फैसला जो कि रितु झाबड़िया का है , को छोड़कर डिफाल्ट जमानत की माँग की जा सकती है। उसी आधार पर नई जमानत याचिका भी दायर की जा सकती है। मार्च में इससे पूर्व राउज एवेन्यू कोर्ट ने वैभव जैन की अंतरिम जमानत खारिज कर दी थी। ईडी ने भी उसकी जमानत याचिका का विरोध किया था तथा जमानत संबंधी कुछ सवाल उठाये थे। वैभव जैन की माँग यह थी कि उसे अपने किसी संबंधी के यहाँ गृहप्रवेश कार्यक्रम में शामिल होना था इसलिए उसने जमानत की माँग की थी। कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था।
दूसरी ओर दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येन्द्र जैन ने एकांत की समस्या की शिकायत की है और अपनी सेल में कैदियों की संख्या बढ़ाने की माँग की है। इसके लिए उन्होंने जेल के अधीक्षक को पत्र भी लिखा है। उन्होंने बताया कि उनके मनोचिकित्सक ने उन्हें अकेले न रहने की सलाह दी है तथा ध्यान भटकाये रहने को भी कहा है जिससे की अकेलेपन की समस्या से निजात मिल सके। आपको बताते चलें कि सत्येंद्र जैन इस समय तिहाड़ जेल में बन्द हैं।
