
श्रीकांत दास / विशाल विचार
राजमहल (साहिबगंज)।राजमहल विधानसभा क्षेत्र के विधायक मो. ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा ने क्षेत्र के पत्थर व्यवसायियों द्वारा रैक लोडिंग बंद कर किए जा रहे आंदोलन को पूरी तरह जायज और क्षेत्रहित में आवश्यक बताया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन रेलवे प्रशासन के सौतेले रवैये के खिलाफ मजबूरी में उठाया गया कदम है।विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मालदा रेल मंडल अंतर्गत साहिबगंज जिले के तीनपहाड़, बाकुडी, तालझारी, मिर्जाचौकी, राजमहल एवं साहिबगंज रेलवे स्टेशन से रेलवे को प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, इसके बावजूद इन स्टेशनों पर यात्रियों को आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।विधायक ने कहा कि क्षेत्र के अधिकांश रेलवे स्टेशनों पर प्रमुख ट्रेनों का ठहराव नहीं है प्लेटफार्म की पर्याप्त व्यवस्था नहीं प्रतीक्षालय, महिला प्रतीक्षालय एवं टिकट काउंटर की सुविधाएं नाकाफी हैं आरओबी (रेल ओवर ब्रिज) जैसी बुनियादी संरचनाएं आज भी अधूरी हैं जिसके कारण आम यात्रियों, बुजुर्गों, महिलाओं और छात्रों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।विधायक मो. ताजुद्दीन ने कहा कि साहिबगंज शहर के पूर्वी एवं पश्चिमी रेलवे फाटक पर अविलंब आरओबी का निर्माण किया जाना चाहिए, ताकि शहर को जाम की समस्या से राहत मिल सके।साथ ही उन्होंने साहिबगंज में रेलवे की खाली पड़ी भूमि पर वाशिंग पिट स्थापित करने की मांग दोहराई, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और रेलवे को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी।विधायक ने बताया कि वे वर्ष 2010 से रेलवे की मूलभूत समस्याओं को लेकर पत्राचार, धरना एवं आंदोलन करते आ रहे हैं।जनप्रतिनिधि बनने के बाद भी लगातार रेलवे प्रशासन को ज्ञापन सौंपे गए हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पाई है।उन्होंने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से संवेदनशील एवं सकारात्मक पहल करने की अपील की।विधायक ने कहा कि राजमहल रेलवे स्टेशन परिसर की व्यवसायिक जमीन मुख्य मार्ग से जुड़ी हुई है। यदि वहां रेलवे द्वारा मार्केट कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया जाता है, तो इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा,रेलवे को भी अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी विधायक ने कहा कि राजमहल विधानसभा क्षेत्र झारखंड का एकमात्र क्षेत्र है जहां से गंगा नदी प्रवाहित होती है, जो ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।राजमहल को मुगल काल में बिहार, बंगाल और उड़ीसा की राजधानी होने का गौरव प्राप्त रहा है। यहां स्थित प्रमुख पर्यटन स्थल हैं जामा मस्जिद बारादरी सिधी दलान टकसाल घर झारखंड का एकमात्र रामसर साइट उधवा पक्षी अभयारण्य कटघर का जीवाश्म (फॉसिल) क्षेत्र इसके अलावा इस्कॉन द्वारा संचालित कन्हाई नाट्यशाला (गुप्त वृंदावन) में देश-विदेश से कृष्ण भक्तों का आगमन होता है।पश्चिम बंगाल के नवद्वीप धाम मायापुर इस्कॉन मंदिर से प्रतिदिन श्रद्धालु राजमहल पहुंचते हैं, लेकिन ट्रेनों के ठहराव के अभाव में उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।विधायक ने कहा कि राजमहल, तीनपहाड़ एवं साहिबगंज स्टेशन रेलवे को लगातार राजस्व देते हैं, लेकिन प्रमुख ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से झारखंड समेत अन्य राज्यों से आने वाले यात्रियों और पर्यटकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं :राजमहल रेलवे स्टेशन पर वर्तमान एकमात्र प्लेटफार्म का विस्तार कर नए प्लेटफार्म का निर्माण,साहिबगंज–दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस (13235/13236) का परिचालन बड़हरवा जंक्शन से राजमहल, तीनपहाड़ एवं साहिबगंज की रेलवे की खाली जमीन पर मार्केट कॉम्प्लेक्स का निर्माण,तीनपहाड़ जंक्शन पर प्रथम श्रेणी प्रतीक्षालय एवं महिला प्रतीक्षालय का निर्माण,तीनपहाड़ जंक्शन पर निम्न ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित किया जाए :मालदा–पटना इंटरसिटी (13415/13416),दिल्ली–कामाख्या ब्रह्मपुत्र मेल,(15657/15658),मालदा–दिल्ली आनंद विहार एक्सप्रेस
(14003/14004),गुवाहाटी–बाड़मेर एक्सप्रेस (15647/15648),गया–कामाख्या एक्सप्रेस (15619/15620),राजमहल एवं तीनपहाड़ स्टेशन पर पी.आर.एस. काउंटर की समय-सीमा बढ़ाई जाए एवं रविवार को भी काउंटर खोले जाएं,तालझारी रेलवे स्टेशन पर ठहराव की मांग :मालदा–किऊल इंटरसिटी,(13409/13410)साहिबगंज–हावड़ा इंटरसिटी वनांचल एक्सप्रेस का ठहराव सुनिश्चित किया जाए।
