सुमन कुमार दत्ता -विशाल विचार(पाकुड़)
पाकुड़: जिले को हाथीपांव (फाइलेरिया) जैसी गंभीर बीमारी से मुक्त करने की दिशा में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में सदर प्रखंड के मालपहाड़ी गांव में एक विशेष जागरूकता चौपाल सह स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार ने की, जिसमें ग्रामीणों को आगामी 10 फरवरी 2026 से शुरू होने वाले मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (MDA-IDA) अभियान की सफलता के लिए प्रेरित किया गया।
दवा सेवन से जुड़ी भ्रांतियां होंगी दूर
चौपाल के दौरान स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को फाइलेरिया उन्मूलन के लिए दी जाने वाली दवाओं— आईवर्मेक्टिन, डीईसी और एल्बेंडाजोल के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। डॉ. अमित कुमार ने स्पष्ट किया कि ये दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और फाइलेरिया से बचाव का एकमात्र प्रभावी रास्ता हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और अभियान के दौरान दवाओं का सेवन अनिवार्य रूप से करें।
स्वास्थ्य शिविर में 70 ग्रामीणों की हुई जांच
जागरूकता कार्यक्रम के साथ-साथ आयोजित स्वास्थ्य शिविर में लगभग 60-70 ग्रामीणों ने अपनी जांच कराई। शिविर में निम्नलिखित सेवाएं दी गईं:
- फाइलेरिया के संभावित लक्षणों की पहचान।
- सामान्य बीमारियों के लिए चिकित्सीय परामर्श।
- दवा सेवन के तरीकों और स्वच्छता के प्रति मार्गदर्शन।
10 फरवरी से निर्णायक जंग
डॉ. अमित कुमार ने कहा, “एमडीए अभियान का सफल क्रियान्वयन ही जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है।” उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर दवाएं खिलाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी पात्र व्यक्ति छूट न जाए।
मौके पर उपस्थिति: इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. के.के. सिंह, जिला भीबीडी कंसल्टेंट अंकित कुमार, राजू कुमार अग्रवाल (FLA) सहित सदर प्रखंड के कई स्वास्थ्यकर्मी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
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