जल प्रदूषण या जहरीले पदार्थ की आशंका, प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच की मांग।

श्रीकांत दास / विशाल विचार
राजमहल (साहिबगंज):राजमहल नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत काली घाट में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब घाट के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में कछुए मृत अवस्था में पाए गए। स्थानीय लोगों के अनुसार लगभग 10 से 15 कछुए घाट क्षेत्र में इधर-उधर बिखरे हुए मिले, जिससे पूरे इलाके में दहशत और चिंता का माहौल बन गया।घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एक साथ इतनी बड़ी संख्या में कछुओं की मौत होना किसी गंभीर और असामान्य कारण की ओर इशारा करता है। लोगों ने आशंका जताई है कि यह घटना जल प्रदूषण, जहरीले रसायनों के बहाव, अवैध शिकार या किसी विषैले पदार्थ के पानी में मिल जाने के कारण हो सकती है।स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों और जागरूक नागरिकों ने इस घटना को बेहद चिंताजनक बताया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इसकी गहन जांच नहीं की गई, तो यह जलाशय की जैव विविधता के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। साथ ही अन्य जलीय जीवों और आसपास के पर्यावरण पर भी इसका व्यापक नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।पर्यावरण प्रेमियों ने प्रशासन एवं वन विभाग से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए,काली घाट क्षेत्र में नियमित निगरानी व्यवस्था लागू की जाए,तथा नदी के पानी की वैज्ञानिक जांच कराकर वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए,ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि प्राकृतिक जलस्रोतों और जलीय जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
