विशाल विचार-शेखर सिद्दीकी ब्यूरो चीफ़ फतेहपुर
मृतक हरिओम वाल्मीकि के परिवार ने सरकार और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि जब से उन्होंने बेटे की मौत के मामले में न्याय की मांग उठाई है, तब से उन्हें घर में नजरबंद कर दिया गया है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार घर के बाहर डेरा डाले हुए हैं, जिससे वे न तो बाहर जा पा रहे हैं और न ही किसी से खुलकर बात कर पा रहे हैं।परिजनों का कहना है कि “हमें डराया-धमकाया जा रहा है, घर से निकलने नहीं दिया जा रहा। यहां तक कि घर में बीमार लड़की का ऑपरेशन होना था, लेकिन वह भी नहीं हो सका क्योंकि बाहर जाने की अनुमति नहीं है।”परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी के आने से पहले सरकारी अफसरों ने उन्हें चेतावनी दी थी कि उनसे मुलाकात न करें। परिजनों ने कहा कि “हम अपराधी नहीं हैं, फिर भी हमारे साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है, जबकि हमारे बेटे की हत्या करने वाले खुले घूम रहे हैं।”परिवार ने शासन से मांग की है कि उन्हें न्याय दिलाया जाए, दोषियों को सख्त सजा मिले और उन पर हो रहे अत्याचारों को रोका जाए।

शुक्रवार को राहुल गांधी ने परिवार से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली और कहा कि कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है तथा उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।
